Sun. Jun 7th, 2020

लॉकडाउन के बीच उपवास पर क्यों हैं उपेंद्र कुशवाहा संग RLSP के बाकी पदाधिकारी

उपेंद्र कुशवाहा

बिहार में विपक्षी दल कोरोना संकट के बीच भी राजनीति को लेकर खूब चर्चे में है, ऐसे में ये बात भी सच है कि आए दिन कोई न कोई खबर सामने आ ही जाती है। अब अभी की ही बात कर लें तो विपक्षी दल आरएलएसपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान बिहार सरकार के सामने कुछ मांगे भी रखीं हैं।

यही नहीं ये भी बता दें कि इन्होने अपनी मांगों को लेकर एक दिन के उपवास का कार्यक्रम रखा गया है, जो कि इस संकट के समय में राज्य के अंदर और बाहर रह रहे प्रवासी मजदूरों और गरीबों की समस्याओं को लेकर है। आरएलएसपी की तरफ से सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की जा रही है। पार्टी की तरफ से इन्हीं मांगों को लेकर पार्टी की प्राथमिक इकाई से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के सभी पदाधिकारी आज उपवास पर हैं।

लॉकडाउन के बीच उपवास

उपेंद्र कुशवाहा निकालेंगे ‘समझो समझाओ देश बचाओ जागरूकता यात्रा’

इसके अलावा आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दें कि इस पार्टी के महासचिव माधव आनंद ने कहा कि, ‘लॉकडाउन के दौरान किसान, मजदूर, गरीब, शोषित और वंचित समाज के प्रति बिहार सरकार का रवैया नकारात्मक रहा है। हालांकि सरकार की इसी संवेदनहीनता के विरोध में आरएलएसपी के नेता उपवास पर हैं। उपवास के जरिए इन समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की जा रही है।

इसके अलावा पार्टी की ओर से उपवास का नाम भी दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि ‘सत्याग्रह की आस, आओ करें उपवास’। इस उपवास में सात सूत्री मांगें भी की गई हैं। पार्टी की तरफ से बिहार सरकार से मांग की गई है कि सभी जरूरतमंदों को फिलहाल बिना राशनकार्ड देखे यानी आधार कार्ड या मतदान पहचान पत्र के आधार पर ही राशन उपलब्ध करवाया जाए।

बेगूसराय के नावकोठी और औरंगाबाद के गोह में राज्य के अन्य कई हिस्सों में पुलिस द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के खिलाफ भी ये उपवास रखा गया है। आरएलएसपी ने बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और लॉकडाउन के कारण फसल कटाई में हो रही देरी के चलते किसानों की हुई क्षति की भरपाई की मांग की गई है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *