Sat. Jul 4th, 2020

तेजस्वी यादव ने लगाया बिहार में अपराध बढ़ने आरोप, बिहार पुलिस के दिया करारा जवाब

तेजस्वी यादव

विपक्ष नेता तेजस्वी यादव के द्वारा बिहार पुलिस के कार्य पर उठाए गए सवाल और बिहार पुलिस पे लगाए गए तमाम आरोपों का बिहार के पुलिस मुख्यालय ने खंडन किया है। ADG पुलिस मुख्यालय जितेंद्र कुमार और ADG CID दोनो ने एक एल करके तेजस्वी यादव के लगाए गए सभी आरोपों और पूछे गए सभी सवालों का जवाब दिया, जवाब देते हुए उन्होंने कहा,”की बीते दिनों से एक पत्र सोशल मीडिया में घूम रहा है जो विपक्ष नेता द्वारा लिखा गया है,इस पत्र में Sc, ST वर्ग के लोगों की शिकायत को लगातार अनसुना करने का आरोप लगाया गया है, वहीं 2005 और 2019 के अपराध के ग्राफ का हवाला देते हुए बिहार की कानून व्यवस्था को कटघरे में कड़ा किया।” इस पर बात करते हुए हुए ADG CID विनय कुमार में कहा कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

बेबुनियाद हैं तेजस्वी यादव के सभी आरोप

तेजस्वी यादव

पिछले वर्षों में ST-SC एक्ट के तहत काफी मामले राज्य में कई जिलों में सामने आए है,जिन्हें स्थापित SC ,ST थानों में दर्ज की गई हैं। प्राथमिकता के आधार पर मामलों का ट्रायल किया गया है चार्जशीट दर्ज हुआ है। ADG पुलिस मुख्यालय जितेंद्र कुमार ने कहा कि “बिहार पुलिस अपने तरीके से काम करती है,किसी भी स्थिति में हम दबाव में काम नही करेंगे,बिहार पुलिस पर लगाये गए तमाम आरोप बेबुनियाद है, पुलिस अपने पेशेवर तरीके से अपना काम कर रही है।”

इस सब के दौरान विनय कुमार ने वर्ष 2005 और 2019 के आपराधिक गतिविधियों का डाटा भी एक एक करते हुए तुलना वस्तुस्थिति को सामने रखा। उन्होंने बताया कि बिहार के आपराधिक गतिविधियों में लगातार गिरावट आई है,हत्या के मामले में भी अपधार दर प्रति एक लाख जनसंख्या के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर 2017 में 2.7 के साथ 9वे स्थान पर रहा था।

वर्ष 2019 में 947 मामले,की तुलना में 2020 में यह मामले 878 हो गए है।इसमें लगभग 9फीसदी की गिरावट आई है। बलात्कार के मामले में भी कमी आई है, 2019 के जनवरी से अप्रैल तक 121 कांड प्ररिवेदित हुए जबकि 2020 के दौरान मात्र 86 मामले ही सामने आए।  साल 2018 में कुल कांड 1475 प्रतिवेदित हुए जबकि 2019 में घट कर यह संख्या 1450 दर्ज हुई है। इतना ही नही इन्होंने यहां तक कहा कि वर्ष 2005 के दौरान फिरौती अपरहण के मामलों में भी गिरावट आई है 2005 के दौरान 251मामले से यह से संख्या 2019में 43 पर आ गई।

2020 के जनवरी से मार्च के दौरान यह संख्या घट कर केवल 9 रह गई है। फिरौती हेतु अपरहण के सभी 9 कांडों का उद्देदन कर 9 अपहृतों की बरामदगी की गई है तथा 29 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। गौर करने की बात यह है कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव राज्य की बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर सूबे के राजपाल फागू चौहन से मिले थे और साथ ही उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा था। बिगड़ी कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इसमें सुधार लाने के लिए उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की अपील भी की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *