Thu. Jan 21st, 2021

बिहार लौटे तेज प्रताप की “आंतरिक वेदना” वाली नौटंकी डिकोडेड

तेज प्रताप की नौटंकी

बिहार लौटे तेज प्रताप की नौटंकी : बिहार की पॉलिटिकल पिच से गायब राबड़ी देवी नंदन तेज प्रताप यादव ने फिर से सुर्ख़ियों में बने रहने हेतु नया काण्ड पेश किया है. उत्तर प्रदेश की ब्रज भूमि के भ्रमण से आने के बाद तेज प्रताप ने अपनी आंतरिक वेदना को ज़ाहिर किया है. तेज प्रताप करीब 10 दिन तक ब्रज भूमि के प्रवास पर थे.

अब वह अपने गृह प्रदेश बिहार लौट आये है. इस बार उन्होंने नया लुक भी बनाया हुआ है सो नई नौटंकी तो होनी ही थी. लंबे बाल, कानों में कुंडल, माथे पर श्री का तिलक, गले में तुलसी की माला पहने रंग-बिरंगी धोती कुर्ता में उन्होंने ब्रजवासी के रूप में ब्रज वाली दिवाली बनाई.

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तेज प्रताप की नौटंकी

जानकारी के लिए बता दें कि ब्रज की होली की ही तरह दिवाली भी अपना अलग स्वरुप रखती है और इसलिए पूरे देश-दुनिया में प्रसिद्द है. दरअसल चौरासी कोस यात्रा में भक्तो के बीमार पड़ जाने से वे काफी आहत नज़र आए. वे इतने आहत हो चुके है कि अपने दुःख से उबर नहीं पा रहे है कि राधाकुंड में श्रद्धालु-गण बीमार पड़ गए.

उन्होंने इसके लिए उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन को ही ज़िम्मेदार ठहरा दिया और कहा कि सरकारी तंत्र की लापरवाही के चलते यह घटना हुई है.उन्होंने कहा कि उन्होंने बृजभूमकि के भक्तो से साथ घटी घटनाओं से व्यथित है और इसी के चलते आज वह आंतरिक वेदना लेकर बिहार राज्य में लौटे है.

बता दें कि यमुना नदी का पानी पीने से कुछ भक्त बीमार पड़ गए थे.उन्ही मिलने पिछले दिनों वह अस्पताल भी पहुँचे थे. इसके पीछे उन्हें मोदी सरकार की नाकामी को भी ज़िम्मेदार ठहराया था. उन्होंने गंगा-यमुना नदी की सफाई के लेकर देश की जनता के साथ मज़ाक करने का आरोप केंद्र सरकार पर लगाया था.

तेज प्रताप की नौटंकी

तेज प्रताप यादव की यह सरेआम नौटंकी है जो कि बिहार की जनता अब पचाने नहीं वाली. खुद की धर्मपत्नी घर में घुसने के लिए किवाड़ पीट रह थी तब तो वह छूमंतर हो चुके थे और उनकी जुबां सिल सी गई थी. यमुना पानी में प्रदुषण का स्तर अभी भी है और सरकार इसकी सफाई के पीछे पड़े पैमाने पर कार्य भी कर रह है लेकिन वह तो तेज प्रताप को दिखता ही नहीं होगा क्यूंकि विद्वेष के मारा अंधे हो चुके है.

अपनी आंतरिक वेदना की दुहाई देकर धर्म के नाम पर लोगों को दुहाई देना उनकी फितरत बन चुकी है. बिना किसी तर्क या साक्ष्य के योगी सरकार पर आरोप लगाने से उनकी नासमझी देखने को मिलती है . खुद हालचाल देखने के अलावा उन्होंने भक्तो के लिए क्या किया होगा यह तो उनके गुप्त सूत्र ही बता सकते हैं.

 

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