Wed. Nov 25th, 2020

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भाजपा का यह अनूठा स्लोगन

अनूठा स्लोगन

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 ज़ोर पकड़ता नज़र आ रहा है। राजनीतिक दलों के बीच ताने बाने का सिलसिला जारी है। इसी बीच बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के अनुसार राज्य के अस्पतालों में 15 वर्ष पहले सुई और रूई तक नहीं मिलती थी वहीं अब अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण जैसे जटिल कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। इस तरह से तब के और अब के शासन में फर्क साफ है। इस क्रम में पार्टी द्वारा अनूठा स्लोगन तैयार किया गया है- “फर्क बहुत साफ है”।

रविवार को भाजपा मुख्यालय में मंगल पांडेय ने बिहार की एनडीए सरकार की उपलब्धियों की फेहरिश्त लंबी बताई।  उनके अनुसार आरजेडी-कांग्रेस के मिलावटी गठजोड़ के झूठ की लिस्ट अब जनता के समक्ष उजागर हो चुकी है। पांडेय का यह भी कहना है कि, ‘2005 से पहले 2002-03 के आस-पास बिहार का स्वास्थ्य बजट 278 करोड़ हुआ करता था, जो आज लगभग 10 हजार करोड़ के करीब पहुँच चुका है। 15 साल में हमने 45 गुणा की वृद्धि की है।’

शासन में इन फर्कों को दर्शाता है यह अनूठा स्लोगन

पांडेय के अनुसार 2005 से पहले राज्य के अस्पतालों में दवा तक का मिलना मुश्किल होता था और अब अस्पतालों में तीन सौ दवाएं मुफ्त में दी जाती है। तब और अब में फर्क का सबसे बड़ा उदाहरण अस्पतालों की संख्या है। राजद के शासन में छह सरकारी और दो प्राइवेट अस्पताल थे। आज 12 सरकारी और 5 प्राइवेट सहित 17 मेडिकल काॅलेज एंड हॉस्पिटल हो गए हैं। अगले चार वर्षों के भीतर इसकी संख्या बढ़ कर 28 हो जाएगी। बिहार में फिजिशियन की संख्या तीन डिजिट में नहीं होती थी। आज दो हजार से ज्यादा है।

पांडेय का कहना है कि पिछले तीन सालों के अंदर पैरामेडिकल और चिकित्सकों के मामले में 21,530 नियुक्तियां हुई हैं। अभी 12,621 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। तब और अब में आये फर्क का सबसे बड़ा उदाहरण आईजीएमएस अस्पताल है जो कि पहले बंद होने की कगार पर था, आज वहां के 1,032 बेड  पर अत्याधुनिक तरीके से इलाज लिया जा रहा है।

जानिए ये खास बातें

महामारी को लेकर मंगल पांडेय ने कहा कि, ‘कोरोना से जब विश्व जूझ रहा था तब बिहार का मिलावटी गठजोड़ झूठ और भ्रम फैलाकर प्रदेश की जनता के मन में भय भरने में लगा हुआ था। आज जब कोरोना की खिलाफ बिहार की लड़ाई में सफलता के आंकड़े नज़र आ रहे हैं तो झूठ के मुंह पर चुप्पी चिपक गयी है।’ इनका कहना है कि ‘बिहार का रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत से 11 प्रतिशत ज्यादा है। डेथ रेट पर हमने पहले दिन से नियंत्रण किया है। और बेड की उपलब्धता आज इतनी है कि हम किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार हैं।’

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार बिहार को पीएम केयर्स से 500-500 बेड के दो कोविड अस्पताल प्राप्त हुए हैं। इस तरह मंगल पांडेय ने विपक्ष को करारे जवाब दिए।

अन्य खबरें पढ़ें सिर्फ बिहार एक्सप्रेस पर.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *