Mon. Jan 27th, 2020

संसद में उठा गणितज्ञ वशिष्‍ठ नारायण सिंह का मामला , BJP सांसद ने की ये मांग

संसद में उठा गणितज्ञ वशिष्‍ठ नारायण सिंह का मामला , BJP सांसद ने की ये मांग
गणितज्ञ वशिष्‍ठ नारायण सिंह : संसद में मंगलवार को जानेमाने गणितज्ञ दिवंगत वशिष्‍ठ नारायण सिंह का मामला उठाया गया। भारतीय जनता पार्टी के सांसद आरके  सिन्‍हा ने राज्‍यसभा में उनसे जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्‍होंने वशिष्‍ठ नारायण सिंह को मरणोपरांत पद्म सम्‍मान देने और पटना यूनिवर्सिटी का नाम इस महान गणितज्ञ के नाम पर करने की मांग की है। आरके सिन्‍हा ने शून्‍य काल में यह मामला उठाया। वशिष्‍ठ बाबू का गत 14 नवंबर को 73 साल की उम्र में निधन हो गया था। वह लंबे समय से बीमार थे।

गणितज्ञ वशिष्‍ठ नारायण सिंह : महज 23 साल के उम्र में किया ये बड़ा काम

वशिष्‍ठ नारायण सिंह की विलक्षण प्रतिभा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्‍होंने महज 23 साल की उम्र में ही यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले (अमेरिका) से PhD की डिग्री हासिल कर ली थी। बिहार के भोजपुर के बसंतपुर में पैदा हुए वशिष्‍ठ नारायण सिंह ने प्रतिष्ठित पटना साइंस कॉलेज से BSc किया था। वशिष्‍ठ बाबू पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनके पिता पुलिस कांस्‍टेबल थे। उन्‍होंने 6 वर्ष की उम्र में नेतरहाट प्रवेश परीक्षा पास कर ली थी। रांची के करीब स्थित इस आवासीय स्‍कूल से कई बेहतरीन ब्‍यूरोक्रेट्स और एकेडमीशियंस पढ़ाई कर चुके हैं। बताया जाता है कि वह स्‍कूल के सेक्‍शन ‘D’ में थे।

अध्‍ययन के दौरान उलझ गए थे अपने टीचर से :

वशिष्‍ठ बाबू गणित में इस हद तक प्रतिभावान थे कि वह शिक्षक के बताए तरीके से भी अलग तरह से प्रश्‍न को हल कर देते थे। पटना साइंस कॉलेज में अध्‍ययन के दौरान एक बार वह मैथ के टीचर से उलझ गए थे। उन्‍हें तत्‍कालीन प्रिंसिपल के चैंबर में ले जाया गया था। उनकी मेधा से प्रिंसिपल इस हद तक प्रभावित हुए थे कि उन्‍हें BSc फर्स्‍ट ईयर से सीधे फाइनल ईयर में प्रमोट कर दिया गया। वशिष्‍ठ बाबू ने वर्ष 1964 में ऑनर्स की डिग्री हासिल कर ली थी। ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, उस दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर जॉन केली पटना साइंस कॉलेज आए थे। उन्‍होंने किशोर वशिष्‍ठ नारायण सिंह की प्रतिभा के बारे में सुना तो उनसे मिलने की इच्‍छा जताई। कॉलेज के प्रिंसिपल ने दोनों की यह मुलाकात करवाई। प्रोफेसर केली वशिष्‍ठ नारायण सिंह की प्रतिभा से इस हद तक प्रभावित हुए कि उन्‍होंने भोजपुरी में बातचीत करने वाले किशोर वशिष्‍ठ को अमेरिका ले जाने की इच्‍छा जता दी। और इस तरह वशिष्‍ठ बाबू बसंतपुर से अमेरिका पहुंच गए। उन्‍होंने वहीं से MSc और PhD की पढ़ाई की।
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