Thu. Apr 22nd, 2021

रविशंकर प्रसाद लगातार गोभी उत्पादक किसानों को दिखा रहे हैं नयी राह

रविशंकर प्रसाद

नयी दिल्ली: भले ही दिल्ली के सभी बोर्डर पर बारिश के मौसम ठिठुरती सर्द के बीच सरकार के तीन कृषि कानून की वापसी के लिए हजारों किसान डटे हुए हों और इससे कम पर उन्हें कुछ भी मंजूर न हो। लेकिन सरकार के मंत्री भी कम नहीं है। वो जनता को विशेष रूप से किसानों को भरोसा दिलाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों के साथ खड़ी है। इन्हीं में से एक मंत्री हैं दूरसंचार व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद। एक तरफ वे समय—समय पर सरकार का पक्ष रखते रहे हैं वहीं पार्टी का बचाव भी। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता की बदौलत मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पिछले दिनों कई सब्जी किसानों की मदद की है और उन्हें आगे का रास्ता दिखाया है ताकि उनकी सब्जी की फसल को बेहतर बाजार मिले,अच्छी कीमत मिले।

सबसे पहले रविशंकर प्रसाद की ये पहल उस वक्त चर्चा में आई जब समस्तीपुर में गोभी की फसल का उचित दाम नहीं मिलने से नाराज किसान ने अपनी बाकी की बची फसल पर ट्रैक्टर चला दिया था। इस फसल पर ट्रैक्टर चलाने की खबर जब मीडिया में आई तो केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद मदद के लिए आगे आए और दिल्ली की एक कंपनी ने 10 गुना कीमत पर सारी गोभी खरीद ली, जबकि उस समय किसान को 1 रुपए का भाव मिल रहा था।

हुआ यूं कि सही कीमत नहीं मिलने की वजह से समस्तीपुर के मुक्तापुर में किसान ओम प्रकाश यादव ने गोभी की फसल में ट्रैक्टर ही चला दिया। जब यह खबर सोशल मीडिया की सनसनी बनी और जानकारी रविशंकर प्रसाद तक पहुंची तो मंत्री ने पहल किया और वसुधा केंद्र की मदद के बाद दिल्ली की एक कंपनी से ओमप्रकाश के बची चार टन गोभी अच्छी कीमत देकर खरीद ली। इतना ही नहीं खुद रविशंकर प्रसाद ने
मुक्तापुर के किसान ओमप्रकाश यादव को फोन कर बात की। उन्होंने किसान को भरोसा दिलाया कि किसानों को अपना उत्पाद बेचने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है और न ही कम कीमत के कारण सजी फेंकने की नौबत आएगी। उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से किसानों की सब्जी की बिक्री करा उचित कीमत दिलायी जाएगी। साथ ही उन्होंने किसान को यह भी यह भी सलाह दी कि किसान अगर समूह बना कर सब्जी की खेती करेंगे तो उन्हें राज्य के अलावा बाहर के बाजार में भी सब्जी का अच्छा भाव मिलेगा। वहीं बेचने के लिए किसानों को परेशानी भी नहीं उठानी होगी।

इसी तरह दूसरा मामला शामली और बागपत जिले का है जहां के किसानों ने किसानों ने अपनी गोभी की लाखों रुपए की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया था। जब ये खबर सामने आयी तो रविशंकर प्रसाद ने किसानों की मदद के लिए आगे आए और उसके पश्चात उत्तर प्रदेश की कॉमन सर्विस सेण्टर की टीम ने किसानों से संपर्क किया और भविष्य में डिजिटल तरीके से फसल बेचने की जानकारी दी।
इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के जरिए दी। उन्होंने लिखा कि ‘शामली जिले के मायापुरी गांव के गोभी किसानों को स्थानीय मंडी में मिल रहे एक रूपए प्रति किलो के भाव से हो रहे शोषण के बारे में मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। मेरे निर्देश पर उत्तर प्रदेश की कॉमन सर्विस सेण्टर की टीम ने किसानों से संपर्क किया।’ कहा कि, मुझे जिस किसान रमेश के बारे में बताया गया था उसने मंडी में मिल रहे मूल्य से दुखी हो कर अपनी पूरी गोभी की फसल पर ट्रैक्टर चला कर नष्ट कर दिया। उसके पास अब बेचने के लिए कोई फसल नहीं है। इन्हें भविष्य में डिजिटल तरीके से फसल बेचने की जानकारी दी गई है।’

मंत्री जी ने यह भी जानकारी दी की उन्होंने कॉमन सर्विस सेंटर की टीम को कहा कि मायापुरी गांव के अन्य किसानों से भी संपर्क कर उन्हें डिजिटल तरीके से अपनी फसल देश के किसी भी खरीददार को बेचने की सुविधा की जानकारी दी जाये।’ कहा कि, ‘इसकी जानकारी प्राप्त करते ही मायापुरी गांव के कई किसान जो मंडी के शोषण से परेशान थे अपनी फसल को बेहतर मूल्य पर बेचने के लिए आगे आये। आज 400 किलो गोभी की पहली खेप किसान तनवीर ने दिल्ली के खरीददार को डिजिटल प्लेटफॉर्म के द्वारा 10 रुपए किलो के भाव पर बेच दी।’
इसी तरह उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है की उत्तर प्रदेश के कैराना के अलीपुर गांव के किसान नरेश कुमार बता रहे हैं कि कैसे नए कृषि कानूनों के आने से उन्हें मंडी के बाहर कॉमन सर्विस सेण्टर के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी गोभी की फसल बेचने का अवसर मिला। जहाँ उन्हें स्थानीय मंडी में मात्र एक रूपये प्रति किलो की कीमत मिल रही थी वहीँ मंडी के बाहर उन्हें दस रुपए प्रति किलो की कीमत मिली। इसकी वीडियो उन्होंने शेयर की है।

एक अन्य पोस्ट में रविशंकर प्रसाद लिखते हैं कि,” ग़ाज़ियाबाद के किसान अब्दुल सलाम बताते हैं कि पहले इन्हें सर्दी में अपनी फसल बेचने दिल्ली जाना पड़ता था।रविशंकर प्रसाद

लेकिन अब इन्होंने अपने गाँव से ही सीएससी के द्वारा अपनी फसल बेच दी। फसल का पूरा दाम और ट्रांसपोर्ट का किराया ख़रीददार ने इनके खाते में तुरंत भेज दिया।”

एक अन्य घटना रांची की है। रांची की घटना के विषय में रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे रांची के दो किसानों ने पटना के खरीदार को ज्यादा भाव पर अपनी फसल बेची।

रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया कि नए कृषि क़ानूनों का असर! रांची के दो किसानों ने कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के द्वारा अपनी गोभी की फसल पटना के खरीदार को स्थानीय मंडी से डेढ़ गुना अधिक दाम पर बेची। ट्रांसपोर्ट का खर्च भी खरीदार ने दिया और फसल सीधा खेत से ही खरीदार के पास चली गई।
साफ है केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इन सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए किसानों को ये आश्वस्त करने का प्रयास किया है की नए कृषि कानून किसान विरोधी कानून नहीं है।

 

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