Tue. Nov 12th, 2019

राम मंदिर फैसला: सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और शांति की अपीलें, शासन से लेकर प्रशासन तक चौकन्ना

राम मंदिर फैसला

अयोध्या राम मंदिर फैसला की घड़ी नजदीक आती जा रही है। माना जा रहा है कि 17 नवंबर से पहले फैसला सुना दिया जायेगा, इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नंवबर को रिटायर हो रहे हैं। इसलिये सुरक्षा को मद्देनज़र रखते हुए सरकार से लेकर प्रशासन तक सब चौकन्ना नज़र आ रहे हैं। एक तरफ गृह मंत्रालय के आदेश पर बड़ी संख्या में जवान भेजे जा रहे हैं तो दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था के लिये पूरे बंदोबस्त करता नज़र आ रहा है। राजनीति में भी शीर्ष नेत्रत्व की तरफ से लगातार सौहार्द बनाने की अपील की जा रही है। 

अयोध्या राम मंदिर फैसला को लेकर धर्मगुरु मौलाना फिरंगी महली ने की शांति की अपील

कहीं माहौल ख़राब न हो इसके लिए हर तरफ शांति बनाये रखने की अपील की जा रही है. मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना फिरंगी महली ने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए कहा है कि अयोध्या का राम मंदिर-बाबरी मस्जिद का मामला देश के बहुत ही संवेदनशील मामलों में से एक है. सुप्रीम कोर्ट देश की शीर्ष अदालत है और मामले में जो भी फैसला आये, हमें उसका सम्मान करना चाहिए. हमेशा सुप्रीम कोर्ट के फैसलों न सिर्फ मुसलमानों ने बल्कि बहुत सी कौम ने सम्मान किया है.

उन्होंने आगे कहा कि फैसला आने के बाद न कोई जश्न मनाएं, न नाररेबाजी करें और न ही कोई ऐसा बयान दें जिससे किसी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचे. हमे आपसी भाईचारे को कायम रखना है. हमें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि इस मामले पर न सिर्फ पूरे देश कि बल्कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है.

आरएसएस और मुस्लिम नेताओं की केंद्रीय मंत्री नक़वी  के यहाँ बैठक

इधर राम मंदिर पर फैसला आने से ठीक पहले मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी के यहाँ आरएसएस के नेताओं और मुस्लिम नेताओं की बैठक हुई है, जहाँ पर फैसला आने के बाद आपसी भाईचारा कायम रखने की अपील की गयी  है. शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्वे जव्वाद ने शांति की अपील करते हुए कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आये, उसका सम्मान करना चाहिए और शांति व्यवस्था कायम रखनी चाहिए.

अखिल भारतीय सूफी सज्जादनशीन परिषद् के चेयरमैन सयैद नसीरुद्दीन चिश्ती ने भी कहा है कि हम सभी को फैसले का सम्मान करना चाहिए. कोई किसी भी प्रकार की फेक न्यूज़ और अफवाहों पर ध्यान न दे, इसके लिए हम दरगाहों में अपील करेंगे.  इस बैठक में आरएसएस की तरफ से राम लाल और कृष्णगोपाल भी शामिल हुए. 

राष्ट्रीय मुस्लिम मंच को सौंपी मुस्लिम समुदाय से समन्वय की जिम्मेदारी

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आये उसके लिए संघ भी विचार विमर्श कर रहा है. संघ लगातार प्रान्त स्तर के साथ साथ स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने में लगा हुआ है. संघ के बड़े पदाधिकारी दिल्ली में रुके हुए हैं . संघ ने राष्ट्रीय मुस्लिम मंच को जहाँ मुस्लिम समुदाय से समन्वय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है वही विश्व हिन्दू परिषद् को संत समाज से बातचीत करने की जिम्मेदारी दी है. 

जुलूस पर बिना अनुमति पूरी तरह से प्रतिबन्ध

इधर अयोध्या के एसएसपी ने एनएनआई से बातचीत करते हुए राममंदिर पर फैसला आने से किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किये हैं. अयोध्या के एसएसपी आशीष तिवारी ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि पूरे जिले में धारा 144 लागू है. फैसला आने के बाद किसी भी प्रकार के जुलूस पर बिना अनुमति पूरी तरह से प्रतिबन्ध है. घर में कोई भी आयोजन कर सकते हैं, इस पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है. इसके अलावा सुरक्षा को लेकर भी कड़े इंतजाम किये गए हैं.

18 हजार जगहों पर वाल पेंटिंग करके लिखवाए गए पुलिस के नंबर

सुरक्षा के लिए पुलिस ने एक विस्तृत प्लान बनाया है. सभी चौकी प्रभारियों को चौपहिया वाहन भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं. रुट मार्च के लिए पुलिस की टीमें बनाई गयी हैं. जनता से संवाद के साधन भी तैयार किये जा रहे हैं. पहले ही लगभग 500 जनचौपाल की जा चुकी हैं उसके अलावा सभी गांवों को जनचौपालों से कवर करने के प्रयास किये जा रहे हैं. विभिन्न धर्मों के नेताओं के साथ शांतिव्यवस्था के लिए बैठकें की गयी हैं. सभी लोगों के व्हाट्सप्प ग्रुप्स भी बनाये गए हैं, उन्हें हमारे नंबर भी दिए गए हैं. जिले में 18 हजार जगहों पर वाल पेंटिंग करके पुलिस के नंबर लिखवाए गए हैं. 

सी प्लान ऍपलांच किया गया, 16 हजार लोगों को जोड़ा गया

एसएसपी ने आगे बताया कि इस स्थिति के लिए डीजीपी की तरफ से एक सी प्लान ऍपलांच किया गया है. जिसमे कुल 1600 गांवों के 16 हजार लोगों को जोड़ा गया है. इसमें प्रत्येक गांव से 10 हजार लोगों को जोड़ा गया है. अगर कहीं से कोई सूचना आती है तो तुरंत उनसे बात की जा सकती है. इसमें प्रधान, लेखपाल, कोटेदार और गांव में मौजूद विभिन्न सरकारों अफसरों को भी शामिल किया गया है, उसके अलावा उसमें विभिन्न धर्मों के लोगों के नंबर भी फीड हैं. हर गांव में कॉल जा रही है कि नहीं इसके लिए बीट सिपाही भी नियुक्त किये गए हैं. यूपी 100 को उसमें जोड़ा गया है.

केंद्र की तरफ से भेजे गए 15 कंपनियों के चार हजार जवान

केंद्र की तरफ से किये जा रहे बंदोबस्त की बात करें तो दो दिन पहले गृह मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के चार हजार जवानों को यूपी में भेजा गया है. इसमें मंत्रालय के आदेश पर 15 कंपनियां भेजी गयी हैं, जिसमें बीएसएफ ,सीआरपीएफक, आरएएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की तीन तीन कंपनियां भेजी गयी हैं. 

सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ NSA के तहत होगा केस: ओपी सिंह

अयोध्या को जोड़ने वाले सभी रास्तों पर चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है. इसके साथ ही एलआईयू, सीसीटीवी, ड्रोन, एटीएस दस्ते आदि को अलर्ट पर रखा गया है. 150 कॉलेजों में सुरक्षा बलों के रुकने की व्यवस्था की गयी है.  यूपी के डीजीपी ओपी सिंह की तरफ से साफ़ कहा गया है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. ख़ुफ़िया तंत्र पूरी स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं.

सीजेआई के रिटायरमेंट में सिर्फ 4 कार्यदिवस बाकी

इस तरह शासन से लेकर प्रशासन तक, धार्मिक गुरुओं से लेकर राजनेता तक चारों तरफ राम मंदिर फैसला को लेकर अपील करते हुए नजर आ रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि 17 नवंबर से पहले फैसला आ जाएगा. अगर स्थिति पर गौर करें तो 7 और 8 नवंबर को कोर्ट खुलेगा. उसके बाद 9,10,11 और 12 को कोर्ट की छुट्टी रहेगी. फिर 13,14, और 15 को कोर्ट खुलेगा और 16 और 17 नवंबर को कोर्ट की फिर छुट्टी हो जाएगी. जिसमें 17 को जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर हो जाएंगे. अगले दिन जस्टिस अरविन्द बोबडे सीजेआई का पद ग्रहण करेंगे.

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