Tue. Jan 21st, 2020

रेस्टोरेंट में काम दिलाने का झांसा देकर लड़कियों को जिस्म की मंडी में बेचा

रेस्टोरेंट में काम दिलाने का झांसा देकर लड़कियों को जिस्म की मंडी में बेचा
जिस्म की मंडी : बिहार की रोहतास पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को बेचने के बड़े रैकेट का खुलासा किया है। छत्तीसगढ़ और झारखंड की 7 लड़कियों को रोहतास पुलिस ने मुक्त कराया है। इन लड़कियों को रेस्टोरेंट में काम करने के नाम पर बुलाकर एक से सवा लाख में बेच दिया गया था और उन पर देह व्यापार करने का दबाव बनाया जा रहा था। इस मामले में एक महिला सहित चार शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

जिस्म की मंडी : मुक्त कराई गई लड़कियां

मुक्त कराई गई लड़कियां छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, ककनेशा, कोरिया तथा बाजरा की हैं। वहीं झारखंड के गढ़वा जिले के भंडरिया थाना की भी एक लड़की मुक्त कराई गई है। लड़कियों का कहना है कि वो लोग काफी गरीब मजदूर घर से हैं। घर की माली हालत काफी खराब है, यही सोच कर आ गईं कि नौकरी करके किसी तरह अपने तथा अपने परिवार का पेट पाल लेंगे लेकिन यहां आने पर कुछ और पाया। उन्हें जबरन देह व्यपार करने का दबाव डाला जा रहा था। लड़कियों ने बताया कि वो छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। उनके जान पहचान के राजकुमार, महेश कुमार तथा अमित नामक युवक ने उन लोगों को रेस्टुरेंट में काम दिलाने के नाम पर रोहतास जिला के बिक्रमगंज ले आये और दुर्गा देवी नाम की एक महिला के हाथों प्रति लड़की एक से सवा लाख रुपये में बेच दिया। झारखंड की एक लड़की को 27 दिसंबर को लाया गया, जबकि छत्तीसगढ़ की छह लड़कियों को इसी 5 जनवरी को लाकर यहां रखा गया।

घर भेजने की प्रक्रिया शुरू :

दुर्गा देवी नामक महिला इन लड़कियों से गंदा काम करने का दबाव डालती रही तब लड़कियां समझ गईं कि वो लोग जाल में फंस गई हैं। उन लोगों का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। उन्हीं लड़कियों में से एक लड़की किसी तरह भागकर बिक्रमगंज के ही बाजार पहुंची तथा लोगों से पुलिस का पता पूछते हुए थाना पहुंच गई, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ।
बिक्रमगंज के डीएसपी राजकुमार के निर्देश पर थाना की पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए लड़की के निशानदेही पर बताए गए जगह पर छापामारी की तथा वहां से सभी लड़कियों को मुक्त कराया साथ ही एक महिला धंधेबाज दुर्गा देवी तथा उनके साथ तीन अन्य शागिर्दों को गिरफ्तार कर लिया। सभी लड़कियों को स्वास्थ्य जांच के लिए सासाराम के सदर अस्पताल लाया गया है। इसके बाद लड़कियों को उनके उनके घर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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