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कोरोना के डर से थम गईं राजनीतिक गतिविधियां, पार्टियों ने टाली बैठकें

कोरोना के बढ़ते मामलों के वजह से बिहार में राजनीतिक गतिविधियां थम रही हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के वजह से बिहार में राजनीतिक गतिविधियां थम रही हैं। दरअसल, हाल ही में कई बड़े नेताओं पर वायरस ने आक्रमण किया है जिसके चलते उनमें डर समा गया है कि वायरस से नहीं बचा गया तो पार्टी की जीत कुछ मायने नहीं रखेगी। इस कारण भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, राष्‍ट्रीय जनता दल और कांग्रेस समेत कई दलों ने अपनी गतिविधियों पर ब्रेक लगाने का फैसला लिया है। यही स्टेप छोटे दलों के नेता भी फॉलो कर रहे हैं।

राजनीतिक गतिविधियां

तेजस्वी यादव की धुआंधार प्रचार पर कोरोना ने फेरा पानी

पार्टी की जीत के लिए तेजस्वी यादव ने 12 मई के बाद से ज़ोर शोर से प्रचार अभियान चलाया था जो कि पिछले हफ्ते तक कायम रहा। इन्हें लॉकडाउन की बंदिशों के बावजूद पटना के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर गोपालगंज, वैशाली, समस्तीपुर, भोजपुर एवं रोहतास जिलों के लगातार दौरे करते देखा गया। यहां तक कि चीन की सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के दौरान अक्सर उन्हें भीड़-भाड़ से घिरा देखा गया।

उधर, आरजेडी के कार्यालय में भी पार्टी के प्रकोष्ठों और जिला-प्रदेश के पदाधिकारियों की अलग अलग कई बैठकें ली जा रही थीं। तेजस्वी को भी इन बैठकों में देखा गया था लेकिन जब से कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई है तब से पार्टी ने अपनी बैठकों को रद्द करना शुरू कर दिया है और अब प्रदेश कार्यालय में आने-जाने से परहेज़ करने की नसीहत दी जा रही है।

जदयू के कार्यक्रम भी ठहरे

जदयू ने भी वायरस के ज़ोर को देखते हुए अपने कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। सीएम नीतीश कुमार पिछले हफ्ते से पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने से बचते नज़र आ रहे हैं।

बीजेपी के कार्यक्रमों पर भी वायरस ने लगाया जाम

ग्रह मंत्री अमित शाह की वर्चुअल रैली के बाद से बीजेपी फूल इलेक्शन मोड में उतर आई थी। प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव पटना में वर्चुअल बैठकें लेते नज़र आ रहे थे। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बिहार के दौरे पर आए थे लेकिन जब बीजेपी के कई नेताओं को कोरोना ने अपना शिकार बनाया तब पार्टी के कार्यक्रमों पर भी नियंत्रण करने का फैसला लिया गया।

कांग्रेस ने भी अपनी चुनावी रणनीतियों को टाला

कांग्रेस की चुनावी रणनीतियों पर भी कोरोना ने कसी लगाम।
बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के निर्देशानुसार हर जिले के लिए एक-एक प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें बुधवार से ही जिलों में कूच करना था लेकिन अब इस अभियान को टाल दिया गया है। हाल ही में गोहिल ने जिले की विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच प्रत्याशियों के चयन, बूथों पर पार्टी की स्थिति, स्थानीय मुद्दों की पड़ताल के लिए जिलावार प्रभारी नियुक्त किए थे। उन्हें जिलों में जाना था, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण इस रणनीति पर पूर्ण विराम लग गया। अब जिला प्रभारी पार्टी की नई गाइडलाइन के इंतज़ार में हैं।

ऐसा कहा जा रहा है कि, कोरोना से बचना ही पहला लक्ष्य है इस वजह से फ़िलहाल के लिए राजनीतिक गतिविधियां रुक गई हैं।

31 जुलाई तक सख्त नियमों के साथ Bihar में संपूर्ण Lockdown की घोषणा

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