Sun. Jan 19th, 2020

पहचान और पता अपडेट कराने के लिए पटना में लगी लोगों की भीड़

पहचान और पता अपडेट कराने के लिए पटना में लगी लोगों की भीड़
लोगों की भीड़ : बिहार के पटना ब्लॉक ऑफिस में इन दिनों लम्बी कतार देखने को मिल रही है। इन लाइनों में बड़ी संख्या उन लोगों की दिखाई पड़ती है जो अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं। यहां किसी को अपना आवासीय प्रमाणपत्र बनवाना है तो किसी को अपना आधार अपडेट कराना है, किसी को अस्थाई प्रमाण पत्र चाहिए तो किसी को अपने माता-पिता का नाम सुधारना है। यह सब इसलिए है क्योंकि देश में नागरिक संशोधन विधेयक को लेकर भ्रम की स्थिति है।

लोग पहले से ही रहना चाहते है अपडेट :

नईम अपनी बहन आइबा के साथ पटना सदर कार्यालय में पहुंचा है। नईम का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उसके पास वो सारे दस्तावेज़ होने चाहिए, जो ज़रुरी हैं। उसका कहना है कि उसकी और उसके माता पिता की पैदाइश यहीं पटना की है। लेकिन जिस तरह से भ्रम की स्थिति है वह सारे कागज़ ठीक कर लेना चाहता है। उसकी बहन आइबा कहती है कि वो अपना आधार कार्ड अपडेट कराने आई है ताकि आगे किसी तरह की कोई परेशानी ना हो। सबकुछ समझते हुए भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहते।

लोगों की भीड़ : अभी भी बनी हुई है भ्रम की स्थिति

अफताब ज्यादा पढ़े लिखे हैं तो वो वह इस बात को समझते हैं कि नागरिक संशोधन कानून से उन्हें कुछ नहीं होगा, लेकिन वह भी कुछ लोगों के साथ अपना दस्तावेज बनाने आए हैं दरअसल कोई भी चांस नहीं लेना चाहता। हमने ऐसे और लोगों से भी बात की, लेकिन मामला यही है कि लोगों में इन मामलों को लेकर इस कदर भ्रम की स्थिति है जिसे दूर करना ज़रूरी है।नागरिक संशोधन विधेयक यानी (CAA) एनपीआर (NPR) और एनआरसी (NRC) को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है। हालांकि केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है 2014 से पहले जो भी यहां के नागरिक बने हैं, उनसे कोई स्पष्टीकरण नहीं लिया जाएगा। फिर भी लोग भ्रम में हैं और ऐसी स्थिति में अपने कागजात को दुरुस्त करा रहे हैं।

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