Mon. Dec 9th, 2019

नीतीश कुमार बोले : कोर्ट के फैसले का हर हाल में सम्मान होना चाहिए

नीतीश कुमार बोले : कोर्ट के फैसले का हर हाल में सम्मान होना चाहिए
नीतीश कुमार बोले : अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने फैसला पढ़ते हुए अयोध्या की विवादित जमीन रामलला विराजमान को देने का आदेश दिया। उन्होंने लगभग 30 मिनट लिया। चीफ जस्टिस ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाई जाए साथ ही केंद्र सरकार तीन महीने में इसकी योजना बनाए। वहीं, कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में कहीं भी पांच एकड़ जमीन देने का भी फैसला दिया है। SC ने कहा कि ये मुस्लिम पक्ष को ये 5 एकड़ जमीन या तो अधिग्रहित जमीन से दी जाए या फिर अयोध्या में कहीं भी दी जाए।

नीतीश कुमार बोले : सुप्रील कोर्ट का जो भी फैसला हो वो सबको मान्य होना चाहिए :

 देश के अब तक के सबसे बड़े केस का फैसला आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इसका स्वागत किया है। सीएम नीतीश ने कहा कि अयोध्या पर SC का जो भी फैसला है उसका सम्मान होना चाहिए। बता दें कि सीएम नीतीश ने फैसले से पहले भी कहा था कि इस केस में सुप्रील कोर्ट का जो भी फैसला हो वो सबको मान्य होना चाहिए। इस मसले को लेकर समाज में सौहार्द होना चाहिए। किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं होना चाहिए।इस से पहले भी आज सुबह उन्होंने बोला था की फैसला जो भी हो उसका सम्मान होना चाहिए।

बोले सीजेआई रंजन गोगोई :

आप को बता दें कि कोर्ट में फैसला सुनाते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि इतिहास जरूरी, लेकिन कानून सबसे ऊपर होता है। सीजेआई ने कहा कि मीर बाकी ने बाबरी मस्जिद बनवाई थी, लेकिन 1949 में आधी रात में राम की प्रतिमा रखी गई थी। मस्जिद कब बनाई गई इसका वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है। उन्होंने ये भी बोला की सभी धर्मों को समान रूप से देखा जाना चाहिए। आप को ये भी बताते चले कि गौरतलब है कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाते हुए निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज कर दिया। अयोध्या में रामजन्मभूमि न्यास को विवादित जमीन दी गई है। साथ ही मुस्लिम पक्ष को अलग जगह जमीन देने का आदेश दिया गया है।
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