Tue. Jan 21st, 2020

नागरिकता कानून पर मतभेद के बीच प्रशांत किशोर ने की इस्‍तीफे की पेशकश

नागरिकता कानून पर मतभेद के बीच प्रशांत किशोर ने की इस्‍तीफे की पेशकश
इस्‍तीफे की पेशकश : नागरिकता कानून पर मतभेद के बीच जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, सीएम से मुलाकात में उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की लेकिन नीतीश कुमार ने उनकी इस्तीफे की पेशकश ठुकरा दी।

इस्‍तीफे की पेशकश : सीएम से मुलाकात :

सीएम से मुलाकात करने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि हम अपने स्टैंड पर अब भी अडिग हैं। पार्टी में हर कोई क्या बोलता है, हम उसका जवाब नहीं देंगे। नागरिकता कानून और एनआरसी अगर एक साथ लागू होता है तो यह बेहद खतरनाक है।पीके के नाम से मशहूर जेडीयू नेता प्रशांत किशोर ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के दूसरे नेताओं की टिप्पणी की चिंता नहीं करें। सीएम ने कहा कि वह एनआरसी के खिलाफ हैं। नागरिकता कानून को एनआरसी से अगर जोड़ा जाएगा तो गड़बड़ होगा।’

आरसीपी सिंह ने प्रशांत किशोर को आड़े हाथों लिया :

आप को बता दें कि जेडीयू ने नागरिकता संशोधन विधेयक का दोनों सदनों में खुलकर समर्थन किया और पक्ष में वोटिंग भी की। जेडीयू के इस स्टैंड का जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर, एमएलसी गुलाम बलियावी, एमएलए मुजाहिद आलम के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं गुलाम गौस और पवन वर्मा ने भी विरोध किया है। पार्टी सूत्रों ने बताया था कि अगर इन नेताओं के बयान ऐसे ही आते रहे तो इन पर कभी भी करवाई संभव है। वहीं, शुक्रवार को राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने प्रशांत किशोर को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने प्रशांत किशोर को अनुकंपा वाला नेता बताया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले आरसीपी सिंह ने कहा, ‘प्रशांत किशोर की अपनी कोई जमीन नहीं है। प्रशांत किशोर ने पार्टी के लिए आज तक क्या किया? आज तक एक भी सदस्य नहीं बनाया। जिन्हें पार्टी से जाना है, जाए।’
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