Sun. Mar 29th, 2020

बिहार में बन रहे इन ईको फ्रेंडली बैग्स की धूम मुंबई ही नहीं इजरायल में भी

बिहार में बन रहे इन ईको फ्रेंडली बैग्स की धूम मुंबई ही नहीं इजरायल में भी
बैग्स की धूम : बिहार में बने ईको फ्रेंडली बैग्स की इन दिनों हर तरफ चर्चा है। ये गौरैया ईको फ्रेंडली बैग्स न केवल मुंबई, कोलकाता जैसे महानगरों में इन दिनों लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो रहे हैं,  बल्कि अब ये इजरायल के लोगों की पसंद बन गए हैं। पटना के तारामंड में लग रहे महिला उद्योग मेरे में एक स्टॉल इन बैग्स की भी है। इन को बनाने वाली मोनिका ने कहा कि इस बैग को बनाने के पीछे सीधा मकसद है कि पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचे और लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें। गौरतलब है कि पटना तारामंडल में आयोजित उद्योग मेरे में करीब 8 राज्यों से आई महिलाओं ने अपने-अपने प्रोडक्ट्स के स्टॉल्स लगाए हैं।

बैग्स की धूम : कैसे शुरू किया ये काम :

मोनिका जो कि अब तक एक ग्रहणी थीं। उन्होंने एक रिपोर्ट पढ़ने के बाद इस काम को शुरू करने का निर्णय लिया। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे जानवर प्लास्टिक को खाकर अपनी जान खतरे में डालते हैं। इसके बाद मोनिका ने ऐसे बैग्स का निर्माण शुरू किया। इन बैग्स पर गौरैया को बचाने के संबंध में संदेश भी जाता है। यहां तक की मोनिका ने लुप्त होती इस चिढ़िया की प्रजाती को बचाने के लिए लोगों को जागरुक करने का मकसद रखते हुए इन बैग्स का नाम भी गौरैया ईको फ्रैंडली बैग्स नाम दिया है।

जानवरों को भी बचाया जा सकेगा :

मेले में बैग खरीदने वाली श्रेया ने कहा कि ये काफी ट्रेंडी हैं और प्लास्‍टिक का यूज नहीं किया जाए इसका एक बेहतर विकल्प भी हैं। वहीं एक अन्य खरीददार मीरा कुमार ने कहा कि ये इतने यूजर फ्रेंडली हैं कि इन्हें आसानी से हैंड बैग में भी रखा जा सकता है। वहीं ये पर्यावरण के लिहाज से भी काफी कारगर हैं।मोनिका ने बताया कि इन बैग्स को न केवल मुंबई, दिल्ली, कोलकता या चेन्नई जैसे महानगरों के लोग ऑनलाइन ऑर्डर कर मंगवा रहे हैं, बल्कि इजरायल से भी लोग अब बड़ी संख्या में और ज्यादा ऑर्डर करने लगे हैं। मोनिका ने कहा कि यदि प्लास्टि की जगह ऐसे बैग्स का इस्तेमाल किया जाए तो पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होगा और हजारों की संख्या में प्लास्टिक खाकर अपनी जान देने वाले जानवरों को भी बचाया जा सकेगा।

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