Sun. Jun 7th, 2020

खुलासा: बिहार में जहां फैला था कोरोना वहां लगाई मृत अफसर की ड्यूटी

कोरोना बिहार

आप सभी को ये तो पता ही है कि देश व दुनिया कोरोना कहर से पूरी तरह से परेशान है लेकिन जहां भारत हर तरह से प्रयास कर रहा है कि ये महामारी को रोका जा सके वहीं कुछ जगहों पर ऐसी लापरवाही देखने को मिली जिसे सुनकर दंग रह जाएंगे। जी हां दरअसल आज हम बात कर रहे हैं बिहार में पटना शहर का खाजपुरा मोहल्ला की जो कि अब एक नया हॉट स्पॉट बन गया है।

यहां पर संक्रमित महिला के मिलते ही इलाके को सील कर दिया गया, 21 अप्रैल को यहां दो मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि इस बारे में जब जांच किया गया तो पता चला कि दो में से एक मजिस्ट्रेट की तो एक साल पहले ही मौत हो चुकी है।

बिहार में हुई लापरवाही

बिहार

जानकारी के लिए बताते चलें कि इस बारे में मीडिया ने खुलासा कि सैनिटाइजेशन और सर्वे कराने से लेकर लॉकडाउन का पालन कराने तक की जिम्मेदारी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई था। संक्रमण का दायरा बढ़ते ही बुधवार को जिलाधिकारी ने मोहल्ले को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया।

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यही नहीं जिलाधिकारी का आदेश आते ही चौकसी बढ़ गई और तब मजिस्ट्रेट की तलाश शुरू हो गई। छानबीन में पता चला है कि भवन प्रमंडल दानापुर के जिन जूनियर इंजीनियर राजीव रंजन को मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है, उनकी तो एक साल पहले ही मौत हो चुकी है।

पर इतनी बड़ी चूक से जब सामने आई तो हर कोई सकते में आ गया, इतना ही नहीं जिला प्रशासन भी दंग रह गया इसके बाद आदेश जारी कर नए मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई। जिलाधिकारी कुमार रवि ने बताया कि लिपिकीय भूल के कारण भवन प्रमंडल दानापुर के पूर्व में दिवंगत कनीय अभियंता की मजिस्ट्रेट के रूप में तैनाती कर दी गई थी। मामला सामने आते ही संशोधित आदेश कर नए मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है।

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