Mon. Apr 6th, 2020

मुर्दों को भी पेंशन देती है बिहार सरकार ! जानें क्या है पूरा मामला

मुर्दों को भी पेंशन देती है बिहार सरकार ! जानें क्या है पूरा मामला
मुर्दों को भी पेंशन : बिहार में पशुपालन घोटाला से लेकर सृजन घोटाले तक की लंबी फेहरिस्त है जिसने देश भर में राज्य की छवि धूमिल की है। अब प्रदेश में एक और घोटाला का मामला सामने आया है। मामला समाज कल्याण विभाग से जुड़ा है। दरअसल नियम ये है कि सरकारी कायदे और कानून के अनुसार अगर कोई जिंदा है तो उसे सरकारी लाभ मिलेगा और स्वर्ग सिधार गया तो उसका नाम सूची से  कट जाएगा, लेकिन आज भी बिहार में हजारों मुर्दे सरकारी पेशन का लाभ उठा रहे हैं।

एक गोपनीय पत्र :

दरअसल बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के एक गोपनीय पत्र ने इस घोटाले को बेनकाब कर दिया है। समाज कल्याण विभाग के सामाजिक सुरक्षा निदेशालय की ओर से  बिहार के सभी जिलाधिकारी को जारी किए गए पत्र में आगाह किया गया है कि बिहार में मुर्दे भी पेंशन उठा रहे हैं और यह सिलसिला बदस्तूर जारी है।सामाजिक सुरक्षा निदेशालय को यह जानकारी मिली है कि पेंशनधारियों के मृत्यु के पश्चात भी उनके खाते में राशि ट्रांसफर हो रहा है। निदेशालय ने इसे वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला मानते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी मृतकों की सूची जल्द से जल्द तैयार कर समाज कल्याण विभाग की सूची से उनका नाम हटाएं ताकि सरकारी राशि का दुरुपयोग वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और विकलांग पेंशन समेत सभी मदों में रोकी जा सके।

मुर्दों को भी पेंशन : सरकारी महकमें  में हड़कंप

गौरतलब है कि पहले शिविर के माध्यम से पेंशनधारियों की उस्थिति दर्ज कर उन्हें पेंशन दिया जाता था जिससे उनके जीवित होने का भौतिक सत्यापन त्वरित हो जाता था, लेकिन हाल के महीनों में डीबीटी प्रक्रिया शुरू की गई है और लाइफ सर्टिफिकेट से सत्यापन सही रूप से नहीं हो रहा है। जाहिर सी बात है ये एक दो जिले का मामला नहीं है बल्कि राज्य के सभी जिलों में ऐसी ही स्थिति है।मामलों के जानकार और वरीय पत्रकार रवि उपाध्याय की माने तो इस पूरे मामले की जांच करवाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। बहरहाल सच तो यह है की समाजिक सुरक्षा निदेशालय के इस पत्र ने सरकारी महकमें  में हड़कंप मचा दिया है।

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