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किसानों को बरगला रहे हैं विपक्षी: रविशंकर प्रसाद

रविशंकर प्रसाद

नयी दिल्ली: कृषि कानून को लेकर एक तरफ अन्न दाता पीछे हटने के मूड में नहीं लगता और उसे कृषि संबंधी तीनों बिल के निरस्त किये जाने से कम कुछ भी मंजूर नहीं है, वहीं सरकार अपनी तरफ से किसानों को यह समझाने की हर सं​भव कोशिश कर रही है कि ये कानून किसानों के हित में है। इस बीच किसान संगठनों ने 8 दिसंबर को भारत बंद बुलाया है और इस भारत में सभी राजनीतिक दलों ने न सिर्फ शामिल होना स्वीकार किया है बल्कि किसानों के साथ अपना पुरजोर समर्थन दिखाने की कवायद करते हुए सरकार को घेरने का मौका माना है। ऐसे में आज भाजपा की तरफ से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोला और सिलसिलेवार यह बताने की कोशिश की ‘आज जो हमारी सरकार ने किया, यूपीए के दस साल में ये लोग यही कर रहे थे। अपने राज्यों में कर रहे थे। इसके लिए रवीशंकर ने साक्ष्यों का पुलिंदा सामने रखा।

रविशंकर प्रसाद

क्या कहा रविशंकर प्रसाद ने

रविशंकर प्रसाद ने तल्ख लहजे में कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस अपना अस्तित्व बचाने के लिए आंदोलन में शामिल होती है। उन्‍होंने कहा कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे कि किसान आंदोलन के नेताओं ने ये कई बार साफ—साफ दुहराया हैकि सियासी दलों के नेता हमारे मंच पर न आएं, लेकिन ये बार—बार ऐसा कर रहे हैं। यह बात केवल किसान आंदोलन की बात नहीं है.।चाहे शाहीन बाग हो या कोई अन्य सुधार हो, कोई भी विषय हो ये सरकार के विरोध में खड़े हो जाते हैं। प्रसाद ने कहा कि विरोध के लिए विरोध ठीक नहीं है

शर्मनाक है विपक्षी दलों का ये रवैया

कांग्रेस ने 2014 के मैनिफेस्टो में कहा था एपीएमसी एक्ट को समाप्त करेगी। इस बाबत 2014 में कांग्रेस ने अपने मैनिफेस्टो में इंग्लिश में लिखा हैं कि एपीएमसी एक्ट को रिपील करेगी और हिंदी में लिखा कि हम इस कानून में संशोधन करेंगे, जो हम कर रहे हैं। यही नहीं ‘राहुल गांधी ने 2013 में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कहा था कि किसान मंडियों को फ्री कर देना चाहिए। पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने एपीएमसी एक्ट से बदलने से लेकर किसान मंडियों को फ्री करने के लिए कई मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी।’

हमारी नहीं मुलायम की सुनें अखिलेश

रविशंकर प्रसाद

रविशंकर प्रसाद ने सपा नेता अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको याद दिलाऊंगा कि कृषि संबंधित मामलों की संसदीय समिति में आपके पिता और समाजवादियों की अंतिम आवाज मुलायम सिंह यादव ने भी कहा कि किसानों को मंडी कल्चर से बाहर आना जरूरी थी।’ इतना ही नहीं स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने भी 2017 में ट्वीट किया था कि एपीएमसी एक्ट में बदलाव क्यों नहीं हो रहा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए भाजपा सांसद ने कहा, ‘नए कानून को 23 नवंबर 2020 को दिल्ली सरकार ने गजट करके नोटिफाई कर दिया था। एक तरफ आप विरोध कर रहे हैं दूसरी तरफ नोटिफाई कर रहे हैं।’

नहीं ली जाएगी लीज पर किसानों की जमीन

विपक्ष पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘मैं कानून मंत्री के तौर पर कह रहा हूं कि ना किसानों की जमीन को बंधक बनाया जायेगा और ना ही लीज पर लिया जायेग। हमने किसानों को डिजिटल मंडी दी है, जिसमें अभी एक लाख करोड़ का व्यापार होता है। किसानों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।’

बढता जा रहा है किसान आंदोलन का दायरा,तेजस्वी सहित समर्थकों पर हुआ एफआईआर

 

 

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