Sat. Sep 26th, 2020

विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शिक्षकों के लिए एक और तोहफा

नीतीश कुमार

विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षकों के हक में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बता दें कि बिहार के 3.58 लाख शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के वेतन में 15 फीसद वृद्धि करने की घोषणा राज्य सरकार द्वारा की गई है। इसका लाभ 1 अप्रैल 2021 से मिलेगा। साथ ही 1 सितंबर 2020 के प्रभाव से ईपीएफ (भविष्य निधि) का लाभ भी सभी शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को दिया जाएगा।

इनके भविष्य निधि मद में हर महीने 13 फीसद राशि का अंशदान राज्य सरकार द्वारा जमा किया जाएगा। जबकि, शिक्षकों का 12 फीसद अंशदान के रूप में कटेगा। शनिवार को इस संबंध में शिक्षा विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई है।

पहली अप्रैल से वेतन में इतने फीसद वृद्धि का लाभ प्राप्त करेंगे बिहार के शिक्षक

शिक्षा विभाग के प्रवक्ता अमित कुमार के अनुसार राज्य के पंचायतीराज एवं नगर निकायों संस्थानों के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों की मौजूदा वेतन संरचना में सुधार के उद्देश्य से उनको अगले साल की पहली अप्रैल से देय वेतन में 15 फीसद की वृद्धि का लाभ दिया जाएगा। नई बढ़ोतरी संबंधी वेतन निर्धारण के लिए वित्त विभाग द्वारा अलग से आदेश जारी किया जाएगा।

मंत्रिमंडल ने वेतन वृद्धि के प्रस्ताव पर दी थी मंज़ूरी

अपको बता दें कि इस वेतन वृद्धि में शिक्षकों को तकरीबन 4000 रुपए से ज़्यादा का लाभ प्राप्त होगा। वैसे ईपीएफ को जोड़ा जाए तो शिक्षकों के वेतन में 20 फीसद की वृद्धि होगी। प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों इसके लाभकारी साबित होंगे। यह भी बता दें कि हाल ही में इस प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी प्राप्त की गई थी। और आज इस संबंध में शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी। शिक्षकों के लिए नीतीश कुमार द्वारा यह बड़ा तोहफा माना जा रहा है। शिक्षकों के लिए कई और प्रस्तावों को राज्य सरकार ने हरी झंडी दिखाई है।

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