Sun. Jun 7th, 2020

विडियो कॉफ्रेंसिंग में नीतीश सरकार ने उठाया ये मुद्दा, गाइडलाइन में की बदलाव करने की मांग

नीतीश सरकार

पीएम मोदी ने एक बार फिर से इस कोरोना संकट के बीच देश के सभी राज्यों के साथ विडियो कांफ्रेंसिंग की जिसमें लॉकडाउन पर गंभीर रूप से चर्चा हुई। इस वीडियो कान्फ्रेंसिंग में सभी राज्यों के सीएम ने अपनी समस्या के बारे में बात की लेकिन इस बीच बात करें बिहार की तो यहां के सीएम ने कोटा में फंसे छात्रों का मुद्दा भी उठाया। जी हां यही नहीं इस मुद्दे पर सीएम नीतीश कुमार ने साफ-साफ कहा है कि हम केंद्र सरकार के गाइड लाइन का पालन कर रहे हैं और वर्तमान कानून के तहत छात्रों को वापस लाना संभव नहीं है।

नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से कहा कि देश के दूसरे राज्यों में भी बिहार के बच्चे पढ़ते हैं। उन्होने कहा कि लॉकडाउन का पालन करते हुए उन्हें बुलाना अभी सम्भव नहीं है। सीएम नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि पहले गाइड लाइन में संशोधन किया जाए तभी छात्रों को बिहार लाना संभव हो सकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार विशेष दिशा निर्देश भी जारी करे।

कोटा में बिहार के छात्रों को सरकार से मिली परमिट, फिर भी कम नहीं हो रही मुश्किलें

इतना ही नहीं सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार के गाइड लाइन के अनुरूप ज़रूरतमंदों के जीविकोपार्जन के लिए जो ज़रूरी आर्थिक गतिविधियां हैं उसे संचालित किया जा रहा है। लॉकडाउन की वजह से लोग घरों में थे इस वजह से कोरोना संक्रमण से बचाव हो रहा है।

आपको ये भी बता दें कि कोटा व अन्य राज्यों में लॉकडाउन में फंसे बिहार के छात्रों की घर वापसी के मामले पर सुनवाई कल तक के लिए टल गई है। जस्टिस हेमंत कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ अधिवक्ता अजय कुमार ठाकुर व अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए कल तक की मोहलत दी।

बता दें कि पिछली सुनवाई में हाइकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों से इस मुद्दे पर जवाब तलब किया था। कोर्ट ने इन्हें यह बताने को कहा कि मुश्किल में फंसे इन छात्रों को वापस बुलाने के लिए कैसे कार्रवाई की जा रही है।

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