Sun. Jun 7th, 2020

अपने पुराने नियमों में ढ़ील देगी नीतीश सरकार, इन लोगों को होगा बड़ा फायदा

नीतीश सरकार

कोरोना वायरस के संक्रमध को रोकने के लिए हर कोई प्रयास कर रहा है, जिसके लिए देशभर में लगाए गए लॉकडाउन की वजह से कई लोगों को समस्या भी हो रही है। इस लॉकडाउन में मनरेगा सहित मिट्टी से जुड़े उन तमाम कार्यों में कोई कठिनाई ना हो इसे लेकर बिहार सरकार सालों चले आ रहे पुराने सरकारी नियमों में थोड़ी ढील दे सकती है।

बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इसके पहले जब अकाल जैसे हालात हुए थे तब नियमों में ढील दी गई थी। ऐसे में कोरोना महामारी की वजह से जो परेशानी आए हैं उसके बाद नियमों में ढील दी जा सकती है।

नीतीश सरकार को देनी होगी ढि़लाई

जानकारी के लिए बिहार सरकार की नियमों की मानें तो मिट्टी से जुड़े निर्माण कार्य, कच्ची सड़क, आहर पाइन खोदना, तालाब खोदना, जैसे कार्य 15 जून से अक्टूबर तक बंद रहते हैं। ये बंदी मॉनसून की वजह से होती है लेकिन इस बार जब लॉकडाउन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर डाला है।

विडियो कॉफ्रेंसिंग में नीतीश सरकार ने उठाया ये मुद्दा, गाइडलाइन में की बदलाव करने की मांग

हालांकि बिहार व इसके बाहर से आए मज़दूरों को काम मिलने में समस्याएं हो रही जिसकी वजह से सरकार ने ये फैसला किया कि मनरेगा के कार्य शुरू किए जाएंगे। मिट्टी से जुड़े कार्य भी शुरू हो गए हैं। इतना ही नहीं अगर तेज़ बारिश हुई और जहां बाढ़ जैसे हालात हुए, वहां ये कार्य रुक जाएंगे।

बात करें ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार की तो उन्होने बताया कि बिहार सरकार मजदूरों को चाहे वो बिहार के हो या बिहार के बाहर से आए हो, उनको काम की दिक़्क़त ना हो इस वजह से मनरेगा के कार्य बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे हैं। मनरेगा योजना के तहत राज्य से बाहर से आए मज़दूरों को क्वारंटाइन के बाद 33 हज़ार मज़दूरों को जॉब कार्ड से जोड़ा गया है।

हालांकि इस समय बिहार में बड़े पैमाने पर मनरेगा में रोज़गार का सृजन किया जा रहा है और अभी तक राज्य में कुल 7 हज़ार 971 पंचायतों में कुल योजना 3 लाख 60 हज़ार 562 योजनाएं चलाकर 6 लाख 35 हज़ार मज़दूरों को काम उनके ग्राम पंचायतों को दिया गया है।

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