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बिहार पुलिस की क्रूरता : घरों में घुसकर महिलाओं पर बरसाई लाठियां, जानें मामला

बिहार पुलिस की क्रूरता : घरों में घुसकर महिलाओं पर बरसाई लाठियां, जानें मामला
बिहार पुलिस की क्रूरता : बिहार के सुपौल जिले में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां छातापुर पुलिस ने घरों में घुस कर दर्जनों महिलाओ की पिटाई कर दी। इसके बाद छातापुर  इलाका छावनी में तब्दिल हो गया। वहीं, पुलिस के व्यवहार से गुस्साए लोगों ने सड़क को जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया। इस घटना से पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फुल गए हैं। घटना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है।

बिहार पुलिस की क्रूरता, स्थानीय लोगों में नोकझोंक

आप को बता दे कि, मंगलवार छातापुर बाजार के पास एक बाइक सवार युवक ने एक बच्ची को ठोकर मार दी, जिसमें बच्ची बुरी तरह घायल हो गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने बाइक सवार को बंधक बना लिया। ऐसे में सूचना के बाद मौके पर पहुंची छातापुर पुलिस के कहने पर लोगों ने बाइक सवार आरोपी को छोड़ दिया। फिर बुधवार सुबह छातापुर थाना अध्यक्ष राघव शरण दुर्घटना में घायल बच्ची के घर से जबरन बाइक लेकर थाने चले गए। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों में नोकझोंक हो गई।

बिहार पुलिस की क्रूरता : किसी को नही बक्शी पुलिस

ऐसे में छातापुर थाना अध्यक्ष और उनके दलबल ने घर में घुस कर लोगों की पिटाई शुरु कर दी।इस दौरान पुलिस ने न तो बुढ़ी महिलाओं को बख्शा और न ही बच्चों को। कहा जा रहा है कि जो लोग भी घर में मिले उसकी जम कर पिटाई कर दी गई। इस घटना में आधा दर्जन से अधिक महिलाएं बुरी तरह घायल हो गई हैं ।वहीं, एक वृद्ध महिला का पैर भी टूट गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।पुलिस के विरोध में छातापुर बाजार को भी बंद करा दिया गया है।
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि पुलिस ने बाइक सवार से पैसे लेकर मामलें को रफा-दफा करना चाहा था।इसको लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। इसके बाद छातापुर थाना अध्यक्ष राधव शरण दुबारा अपनी जीप से दर्जनों पुलिस बल को लेकर आए और घर में घुसकर पिटाई शुरु कर दी। वहीं, घटना स्थल पर पहुंचे डीएसपी त्रिवेणीगंज गणपती ठाकुर ने बताया कि पुलिस पहले मामलें को शांत कराने में लगी हुई है। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी।

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