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मधुबनी खो-खो खेल प्रतियोगिता- भव्य समारोह के साथ हुई शुरुआत

खो-खो खेल प्रतियोगिता

मधुबनी खो-खो खेल प्रतियोगिता : मधुबनी ज़िले में राज्य स्तरीय खो-खो खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में कई खिलाड़ी शामिल हुए कई और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। शनिवार को कला संस्कृत एवं युवा विभाग राज्य खेल प्राधिकरण पटना तथा जिला प्रशासन मधुबनी संगठित तत्वाधान में राज्य स्तरीय अंतर जिला विद्यालय खो-खो खेल प्रतोयोगिता का शुभारंभ हुआ।

ये प्रतियोगिता पंडौल उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित की गई है। दो दिवसीय खो-खो प्रतियेगिता का उद्घाटन वरीय उप समाहर्ता और प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी राजू कुमार के द्वारा किया गया। उनके द्वारा कहा गया कि खेल सम्मान के साथ ही साथ धन कमाने का भी एक माध्यम है। पहले के समय में खेल मनोरंजन के लिए खेला जाता था लेकिन आज के दिनों में खेल कम्पटीशन बन गया है।

प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मधुबनी खो-खो खेल प्रतियोगिता में कहा

राजू कुमार ने कहा कि आज के दिनों में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के बल पर शोहरत और दौलत कमा रहे हैं। उद्घाटन में छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुति दे कर चार चाँद लगाया। साथ ही साथ नटराज डांस एकेडमी के कलाकारों ने झिझिया, डोमकच पेश कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जिला खेल पदाधिकारी विजय कुमार पंडित ने अतिथियों को सम्मानित किया। उन्होंने यहाँ आने के लिए और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए शुक्रियादा भी किया।

 

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जानिए मैच का हाल

शनिवार को खेले गए अंडर 14 खो-खो मैच में मधुबनी ने कटिहार को 09-01 से, मुंगेर ने मधेपुरा को 07-06 से, रोहतास ने पूर्णिया को 03-01 से , नवादा ने बांका को 15-01 से , बक्सर ने सिवान को 08-06 से हरा कर अगले चरण में अपनी जगह बन ली है। रोहतास वॉक ओवर के सहारे अगले चरण में पहुंचा। इधर, अंडर 17 के मैच में बेगूसराय ने वैशाली को 09-00 से, मुजफ्फरपुर ने पं. चंपारण को 10-03 से पराजित कर अगले चरण में प्रवेश किया। गया की टीम भी वॉक ओवर मिलने के कारण अगले चरण में प्रवेश करने में कामयाब रही।

ऐसी प्रतियोगितओं के जरिये कई खिलाड़ियों की पहचान होती है। दुनिया के सामने इनका नाम होता है। ऐसे ही बच्चे आगे निकलते हैं और नाम कमाते हैं। ऐसी प्रतियोगिता उन बच्चों को आगे आने का मौका देती है जो कहीं छिप के रह गए हैं जिन्हें लगता है उनका टैलेंट कोई नहीं देखना चाहता है। राज्य सरकार द्वारा खो-खो जैसे खेल को वरीयता देना काबिले तारीफ है।

 

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