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गणतंत्र दिवस पर झांकी रिजेक्ट होने से नीतीश नाराज ! 19 जनवरी को दिखाएंगे ताकत

गणतंत्र दिवस पर झांकी रिजेक्ट होने से नीतीश नाराज ! 19 जनवरी को दिखाएंगे ताकत
गणतंत्र दिवस : जल जीवन हरियाली यात्रा के छठे चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को खगड़िया में 2200 करोड़ की 377 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने यहां के तेलिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इस अभियान के महत्व को समझाते हुए कहा कि अगर जल है और हरियाली है तभी जीवन सुरक्षित रहेगा। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के उस फैसले पर भी टिप्पणी की जिसके तहत गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर आयोजित की जाने वाली परेड में बिहार की झांकी को रिजेक्ट कर दिया गया है। बता दें की रिजेक्ट की गई थीम जल जीवन हरियाली पर ही आधारित थी।

गणतंत्र दिवस : 19 जनवरी को दिखाएंगे ताकत

बिहार की झांकी के रिजेक्शन पर अपनी नाराजगी का इजहार करते हुए सीएम नीतीश ने कहा, अधिकारियों ने तो भेज दिया होगा, अगर झांकी में शामिल नहीं भी हुआ तो कोई फर्क नहीं पड़ता। अभी अभियान चला रहे हैं जब असर होगा तो बाद में समझ में आएगा। इससे बिहार के लोग डिमोरलाइज नहीं होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा, गणतंत्र दिवस में बिहार की झांकी शामिल नहीं होने की खबर पर बिहार के लोगों के दिमाग में आ गया कि 26 जनवरी की झांकी से रिजेक्ट हो गया।अरे बिहार के लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता। केंद्र ने भले ही रिजेक्ट कर दिया पर जल जीवन हरियाली अभियान जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि सात निश्चय, हर घर बिजली योजना, हर घर नल का जल योजना बिहार ने शुरू किया बाद में पूरे देश ने इसे अपनाया। जब 19 जनवरी को जल जीवन हरियाली को लेकर मानव श्रृंखला बनेगा तब बिहार की ताकत सबको पता चल जाएगा।

बाढ़ पीड़ितों का हुआ नुकसान :

आधे घंटे तक एक दूसरे का हाथ पकड़ कर रखें और शराबबंदी, दहेज प्रथा, बाल विवाह और जलजीवन हरियाली को लेकर बनने वाले इस मानव श्रृंखला को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम के अनुकूल ही फसल चक्र होना चाहिए इसको लेकर हम बड़ा अनुसंधान करवा रहे हैं। फसल अवशेष चारा के रूप में इस्तेमाल हो इसको लेकर कार्य योजना बनाई जा रही है। चापाकल और कुओं का जीर्णोद्धार करेंगे और बगल में सोख्ता का निर्माण करेंगे।उन्होंने कहा कि पहले औसत बारिश 1200 से 1500 मिलीमीटर होती थी, लेकिन अब पिछले 13 साल में बारिश घटकर 900 मिमी पहुंच गया है। 534 प्रखंड में 200 से ज्यादा प्रखंड पिछले साल सूखे से प्रभावित था। इस साल भी सितंबर में बाढ़ पीड़ितों को नुकसान हुआ।सीएम नीतीश ने कहा कि वर्ष 2012 में ही हमने हरियाली मिशन की शुरुआत की थी, लेकिन पिछले दो साल से भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा था। गर्मी में दक्षिण और उत्तर बिहार में भूजल स्तर नीचे चला गया। फिर हमने जलवायु परिवर्तन में सुधार लाने का अभियान शुरू किया। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करेंगे। लक्ष्य है कि सभी जगह सड़क के किनारे पेड़ लगे।
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