Fri. Jun 5th, 2020

बिहार-यूपी को जोड़ने वाली कर्मनाशा पुल पर आवागमन अब भी बंद

बिहार-यूपी को जोड़ने वाली कर्मनाशा पुल पर आवागमन अब भी बंद
कर्मनाशा पुल : जिले से गुजरने वाली एनएच-2 पर कर्मनाशा नदी पर बनी पुल टूट जाने से बिहार और उत्तर प्रदेश के दोनों ओर बड़ी वाहनों का लंबा जाम लगा हुआ है।बताया जा रहा है कि पुल के पास बन रहे डायवर्सन के निर्माण में अभी 10 दिन तक का समय लग सकता है। कर्मनाशा नदी पर बने इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन ने बड़ी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। प्रशासनिक रोक के कारण बड़ी गाड़िया रुकी हुई है। जिस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां पिछले एक सप्ताह से वाहन चालक फंसे हुए हैं। यहां फंसे वाहन चालक पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल 28 दिसंबर को अहलेसुबह पुल के बीच का पिलर का विंग टूट गया था।

कर्मनाशा पुल : घटिया निर्माण के कारण टूटा पूल

एनएच 2 पर बने इस पुल का निर्माण 450 करोड़ रुपए की लागत से हुआ था। जिसका निर्माण कार्य 2003 से शुरू हुआ था। निर्माण कार्य शुरू होने के 6 साल बाद साल 2009 में इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई थी।स्थानीय लोगों का मानना है कि घटिया निर्माण के कारण सिर्फ 10 साल में ही इस पुल का गर्डर टूट कर गिर गया। तेज आवाज के साथ पुल के बीच का पिलर का विंग टूट गया। इस कारण पुल का बीच का हिस्सा बैठ गया। इसके साथ ही पुल के अगल-बगल वाले पिलर में भी दरारें आ गईं।

अधिकारी ओवरलोडिंग को बता रहे वजह :

घटना के बाद एनएचएआई अधिकारियों का कहना था कि ओवरलोडिंग के कारण यह घटना हुई है। एनएचएआई के अधिकारी योगेश गढ़वाल ने घटना को लेकर जानकारी दी थी कि ओवरलोडिंग की वजह से पिलर का विंग टूटा। अधिकारी ने पुल के निर्माण में किसी भी तरह की गड़बड़ी की बात से इंकार किया था।आपको बता दें कि कर्मनाशा नदी पर बने इस पुल से रोजाना सैकड़ों वाहन यूपी से बिहार और उत्तर भारत के अन्य शहरों के लिए गुजरते हैं। इस पुल के बंद होने से पूर्वांचल इलाके में बालू की सप्लाई के ठप होने का अंदेशा है।
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