Wed. Nov 13th, 2019

महागठबंधन से बाहर हुए हम प्रमुख जीतन राम मांझी, क्या भाजपा को करेंगे सपोर्ट ?

महागठबंधन से बाहर हम

महागठबंधन से बाहर हुए हम प्रमुख : हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्यूलर) बिहार प्रदेश की सबसे उलटने-पलटने वाली पार्टी बन चुकी है. एक बार फिर प्रत्याशित तौर पर एलान करते हुए महागठबंधन से अपनी एग्जिट का एलान कर दिया है. हम प्रमुख जीतन राम मांझी ने अब विपक्ष के महागठबंधन को छोड़ने का फैसला कर लिया है. उन्होंने इसके पीछे दो वजह बताई है. पहली वजह है महागठबंधन में समन्वय समिति का अभाव और दूसरा कारण है सर्वसम्मति के बिना फैसले लिए जाना.

फिलहाल तो हम प्रमुख ने एलान किया है कि वह झारखण्ड और बिहार में अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे और एक फिर से उनके भाजपा से साथ शामिल होने की अटकले तेज़ हो चुकी हैं. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि अपने एलान के बाद वह लगातार भाजपा नेताओं के संपर्क में है.

कल यानी गुरूवार को एमएलसी संजय पासवान ने मांझी से मुलाकात की थी जिसके बाद से ही उनके भाजपा के समपर्क में होने की खबरें आने लगी थी. दोनों के बीच किस मुद्दे पर बातचीत यह स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन मांझी ने इस पर तुरंत सफाई देते हुए इसे गैर-राजनीतिक बातचीत करार दिया.

महागठबंधन से बाहर हुए हम प्रमुख : बाहर होने के पीछे यह कारण

गुरुवार को पटना के 12 एम स्ट्रैंड रोड स्थित आवास पर पार्टी के सभी जिला अध्यक्षों, राज्य और केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आरोप लगते हुए मांझी ने महागठबंधन में तालमेल की कमी के पीछे सबसे बड़े कारण समन्वय समिति का न होना है. इसके चलते उन्हें लगा कि अकेले चुनाव लड़ना ही बेहतर होगा.

इस बैठक में 10 नवंबर तक उम्मीदवारों की घोषणा और 2019 झारखण्ड विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला हुआ है. वोट कटुआ पार्टी के तौर हम पार्टी अपना करेगी और जीतन राम मांझी महागठबंधन का सत्यानाश करने को उतारू अब हो चुके जिससे भाजपा से न जुड़ने पर भी फायदा वह एनडीए को ही पहुँचायेंगे.

 

 

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