Sun. Jan 19th, 2020

झारखंड के कांग्रेस विधायक क्यों आएंगे दिल्ली ?

झारखंड के कांग्रेस विधायक

झारखंड के कांग्रेस विधायक : राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की बातचीत के बीच झारखंड के कांग्रेस विधायकों की शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात होने वाली है। राज्य में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद नवनिर्वाचित विधायक पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष से मिलेंगे। कांग्रेस के राज्य मंत्रिमंडल में रामेश्वर उरांव और आलमगीर आलम के रूप में दो मंत्री हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हाल ही में दिल्ली में थे और उन्होंने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की थी और माना जाता है कि मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा हुई थी।

एक नेता ने कहा कि कैबिनेट बर्थ के लिए कई इच्छुक हैं, लेकिन हर किसी को समायोजित नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात है क्योंकि विधायक सोनिया गांधी से मिलना चाहते थे।

सहरसा व्यापारी मर्डर केस : दिनदहाड़े बदमाशों ने की हत्या, इलाके में खौफ पसरा

झारखंड के कांग्रेस विधायक अब मानेंगे जो भी मैडम कहेंगी !

कांग्रेस के 16 विधायक हैं और उसने राज्य में झामुमो के साथ सरकार बनाई है। झामुमो-राजद-कांग्रेस सरकार ने पिछले साल दिसंबर में भाजपा को हरा कर सत्ता पाई है। हेमंत सोरेन, जो नागरिकता कानून का विरोध कर रहे है, सोमवार को सोनिया गांधी द्वारा बुलाए गए विपक्षी बैठक में भी मौजूद थे। वह विपक्षी नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित संकल्प का एक हिस्सा था।

कांग्रेस को महाराष्ट्र के बाद झारखंड में भी सत्ता फिर से नसीब हुई है तो ऐसे में वह छोटी पार्टी बनकर नहीं रहना चाहती है जिससे उसकी वापसी के द्वार फिर से ख़त्म हो जाए। जगजाहिर है कि सारे विधायक चीफ ऑफ कांग्रेस मैडम सोनिया गाँधी का आशीर्वाद लेने आये थे और उनके दिशा-निर्देश के अनुसार ही वह आगे चलेंगे फिर चाहे जान पर भी क्यों बन आये।

जदयू की चुनावी खिचड़ी मकर संक्रांति के उपलक्ष पर

कल जेएमएम को कांग्रेस से दिक्कत पैदा होने लगे तो बताएगा कि अजूबा हो गया ! कांग्रेस क्षत्रप साथियों को बर्बाद करने कि लिए मशहूर रही है इसलिए देखिये झारखण्ड कांग्रेस आगे क्या करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *