Mon. Jun 1st, 2020

कोरोना संकट के बीच आज नहाय-खाय से आज शुरू हो रहा 4 दिवसीय चैती छठ पूजा

चैती छठ पूजा

हिन्दू धर्म में काफी ज्यादा महत्त्व रखने वाला त्यौहार छठ महापर्व साल में दो बार मनाया जाता है, पहला चैत एवं दूसरा कार्तिक मास में। वैसे तो यह पर्व विशेष रूप से बिहार राज्य में मनाया जाने वाला पर्व है मगर इसकी लोकप्रियता सम्पूर्ण देश में और यहाँ तक की देश से बहार रह रहे भारतियों में भी है. फिलहाल तो आपको बता दें कि आज शनिवार से नहाय खाय के साथ यह चार दिवसीय अनुष्ठान चैती छठ पूजा शुरू हो रहा है। मगर देश में इस वक़्त जिस तरह के हालत बने हुए हैं उसे देखते हुए बिहार सरकार ने गंगा के किसी भी घाटों पर जाने पर सख्ती से पूर्ण पाबंदी लगा दी है।

कोरोना वायरस के बीच सरकार और प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से ख़ास अपील की है कि वे इस महापर्व को अपने घर में ही करें। हालाँकि 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से पूजन सामग्री एकत्र करने में भी थोड़ी परेशानी आ सकती है मगर श्रद्धा में कहीं कमी नहीं आ रही है। लोक आस्था के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान शनिवार को चैत्र शुक्ल चतुर्थी को नहाय-खाय से शुरू हो रहा है। छठ पूजा मुख्य रूप से भगवान भास्कर की उपासना का पर्व है।

आरोग्यता व संतान के लिए उत्तम है चैती छठ पूजा

जानकारी के लिए बताते चलें कि इस बार छठ महापर्व पर ग्रह-गोचरों के शुभ संयोग बन रहे हैं। छठ व्रत करने की परंपरा ऋग्वैदिक काल से ही चली आ रही है, इस दौरान सभी श्रद्धालु मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए पूरे विधि-विधान पूजा करते हैं।

भक्तों में यह मान्यता है की सूर्य षष्ठी का यह व्रत आरोग्यता, सौभाग्य व संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है। स्कंद पुराण में भी इस व्रत और इसके फलों का वर्णन किया गया है। महापर्व के प्रथम दिन नहाय-खाय में लौकी की सब्जी , अरवा चावल, चने की दाल, आंवला की चटनी के सेवन का खास महत्व है । खरना के प्रसाद में ईख के कच्चे रस, गुड़ के सेवन से त्वचा रोग, आंख की पीड़ा समाप्त हो जाती है । वहीं इसके प्रसाद से तेजस्विता, निरोगिता व बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है। सूर्य भगवान अपने इस प्रिय तिथि पर पूजा से अभिष्ठ फल प्रदान करते हैं।

सूर्य के तेज में है इस खतरनाक वायरस को नष्ट करने क्षमता

लोगों मन इस बार चैती छठ के प्रति ज्यादा ही भावना जगी हु है और ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों का मानना है कि सूर्य देव की उपासना से कोरोना जैसी महामारी के प्रकोप से लड़ने की क्षमता मिलेगी। क्योंकि सूर्य की रौशनी से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी चैती छठ पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं तथा बधाई दी हैं। साथ ही उन्होंने जानलेवा कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए हर व्यक्ति को सजग और सतर्क रहने तथा सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने की भी अपील की है।

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