Fri. Apr 23rd, 2021

झारखंड में सरकार का पेयजल पर विशेष ध्यान, 54 हजार लोगों के घरों में नल से पहुंचेगा

झारखंड में सरकार का पेयजल

झारखंड में सरकार पेयजल पर विशेष काम कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड के 54 हजार घरों को नल से पानी मुहैया कराने का निर्देश दिया है। इसी तरह खेतों में भी पाइप लाइन के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी आपूर्ति की योजना पर काम चल रहा है। ग्रामीण योजना के तहत घर घर में पानी पहुंचाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्वालिटी पर जोर देने की बात कही है। योजनाओं को 2024 तक पूरा किया जाना है हर साल साढे 13 हजार घरों तक नल से पानी पहुंचाने का रोड मैप तैयार कर लिया गया है। लघु जलापूर्ति योजना के तहत पंचायत या टोला स्तर पर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा आधारित बोरिंग से जल्द उपलब्ध कराया जा रहा है। उसके रखरखाव के प्रति ग्रामीणों को भी जागरूक करना जरूरी है। Blग्रामीण क्षेत्र में बन रहे रिचार्ज पीठ के आकार में विधि करना है। भूगर्भीय जल के संवर्धन पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

झारखंड के खेतों में पाइप से पहुंचेगा पानी

झारखंड में पाइप लाइन से सिंचाई के लिए प्रणाली विकसित की जाएगी। इसे पहाड़िया ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सिंचाई आसान हो जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया है। राज्य में सिंचाई परियोजनाओं को तय समय सीमा के अंदर पूरा करते हुए धरातल पर उतारा जाएगा। यानी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल संसाधन विभाग की कार्य प्रगति की समीक्षा के दौरान दी। उन्होंने कहा कि राज्य में खेती किसी की असीम संभावनाएं हैं। यहां के किसानों के कृषि उत्पादन क्षमता को बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज के विभिन्न जिलों में खनन क्षेत्र है। इन क्षेत्रों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं जहां पर पानी जमा है। उन्होंने मानचित्र में जमा पानी को लिफ्ट इरीगेशन कार्य में उपयोग के लिए एक कार्य योजना बनाने का भी निर्देश दिया है। इसके साथ ही हेमंत सोरेन ने विभागीय पदाधिकारियों को राज्य में स्थित सभी चेक डेमो का डाटा तैयार करने का निर्देश दिया है।

 

 

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