Mon. Dec 9th, 2019

शौचालय घोटाला : अधूरा निर्माण करवा मुखिया ने जबरन निकलवा ली राशि

शौचालय घोटाला : अधूरा निर्माण करवा मुखिया ने जबरन निकलवा ली राशि
शौचालय घोटाला : बिहार के गया में शौचालय निर्माण में घोटाला का मामला सामने आया है। यहां के मानपुर में अधूरा निर्माण करवा मुखिया ने अपने गुर्गों की मदद से जबरन राशि निकलवा ली। मामला गया जिले के मानपुर प्रखंड के पंचायत बारागंधार के ग्राम सिक्हर में देखने का है जहां स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण में जमकर धांधली हुई।

12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि :

सरकारी रिकॉर्ड की बात करें तो सिक्हर ओडीएफ ग्राम घोषित हो चुका है, लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट कुछ और ही कहती है। मानपुर प्रखंड के पंचायत बारागंधार, वार्ड संख्या 10, ग्राम- सिक्हर महादलित टोले के रहने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर 300 सौ से अधिक महादलितों का आबादी है। मुखिया पप्पू मियां द्वारा शौचालय बनवाया गया। दिलचस्प बात यह है कि मुखिया पप्पू मियां के साथ में रहने वाले टिंकू मियां पहले शौचालय का अधूरा निर्माण कराया और वह भी घटिया निर्माण के चलते शौचालय में लगे ईट, प्लास्टर टूट गया है जो हालात आज बद से बदतर है। मुखिया ने अधूरा निर्माण के बाद लाभान्वित के अकाउंट में जो 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि आई उसे अपने गुर्गों की मदद से जबरन निकलवा लिया। लोगों का आरोप है कि शौचालय निर्माण में पंचायत के सरपंच, सचिव और मुखिया द्वारा जमकर धांधली की गई है जबकि सरकार की तरफ से एक स्वस्थ्य शौचालय निर्माण करने के लिए 12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर मिलते हैं। शौचालय निर्माण संबंधित अधिकारियों द्वारा बिना जांच के प्रखंड को ओडीएफ घोषित करने से भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शौचालय घोटाला : कड़ी कारवाई हो :

इस संबंध में जब मानपुर बीडीओ अभय कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नियमानुसार शौचालय निर्माण होने पर लाभान्वित के खाते में 12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। लाभान्वित के खाते से पैसा निकलवाकर लेने की बात हमें आप लोगों द्वारा ही बताई गई है। बीडीओ ने कहा कि जहां तक अनियमितता की बात है तो जांच कमेटी गठित कर जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया है कि गया में शौचालय की ये योजना महज कागजो पर है और सर्टिफिकेट लेने के लिए प्रखंड को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इमामगंज में भी कई ऐसे महादलित टोले है जहां घटिया निर्माण कर शौचालय निर्माण कराया गया है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा गरीबों का हक मार कर अपनी तिजोरी भरा जा रहा है। ऐसे लोगों पर जांच बिठा कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि गरीबों के लिए चलाए जा रहे है योजनाओं का लाभ पूरी तरह से ले सके।
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