Fri. Aug 14th, 2020

गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर, इन बिहारियों ने गिरफ्तारी में की मदद

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे का अंत आज यूपी पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर में हुआ। कथित तौर पर जब पुलिस उसे उज्जैन से गिरफ्तार कर यूपी लेकर आ रही थी तभी पुलिस की गाड़ी बीच रास्ते में एक ख़तरनाक दुर्घटना की शिकार हो गई। मौके का फायदा उठाते हुए विकास ने पुलिसकर्मियों के हथियार छिनने की कोशिश की और भागने का प्रयास किया लेकिन यूपी पुलिस ने सही समय पर गैंगस्टर के सीने से गोली आर पार कर दी, और इस तरह वह मारा गया।

गैंगस्टर विकास दुबे

खास बात यह है कि विकास दुबे की गिरफ़्तारी और एनकाउंटर में बिहार के छपरा जिले के मनोज सिंह का नाम चर्चा में है। आइए जानते हैं मनोज ने ऐसा क्या कमाल किया कि यूपी पुलिस में उनका नाम चर्चा का विषय बना हुआ है।

अपको बता दें कि उज्जैन में विकास दुबे को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के नेतृत्वकर्ता मनोज सिंह बिहार के छपरा जिले के मांझी थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव के रहने वाले स्वर्गीय शिव रतन सिंह के पुत्र हैं और अभी उज्जैन में पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थापित हैं।

ऐसा कहा जा रहा है कि गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ़्तारी के लिए यूपी सरकार ने पांच दर्जन से ज्यादा पुलिस टीम का इंतज़ाम किया था, लेकिन फिर भी यूपी पुलिस अब तक कुख्यात को पकड़ने में नाकाम साबित हुई थी। फिर जब विकास दुबे उत्तर प्रदेश से भागकर मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के महाकाल मंदिर जा पहुंचा, तब मनोज सिंह और उनके दल ने कुख्यात को तुरंत पकड़ लिया।

गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने में इन्होंने निभाई बड़ी ज़िम्मेदारी

एसआइएस इंडिया लिमिटेड के सुरक्षाकर्मी लाखन यादव और उसके साथियों ने विकास की गिरफ़्तारी में बड़ी भूमिका निभाई है। कुख्यात की पहचान करने और उसे पकड़ने में लाखन की बहादुरी को सलाम किया जा रहा है।

एसआइएस के प्रबंध निदेशक ऋतुराज सिन्हा ने भी गैंगस्टर विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर में गिरफ्तार कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वहां तैनात जांबाज सुरक्षा गार्ड की बहादुरी और साहस को सराहा और अन्य सुरक्षाकर्मियों को प्रेरित होने की अपील की।

 

अन्य खबरें पढ़ें सिर्फ बिहार एक्सप्रेस पर.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *