Fri. Aug 14th, 2020

बिहार में बाढ़ की हालत गंभीर, बांध टूटने से इन गांव की उत्तरजीविता कमज़ोर पड़ी

बिहार में गंडक व कोसी सहित कई नदियों के उफनाने के वजह से बाढ़ की हालत गंभीर हो गई है। गंडक नदी खतरे के निशान को पार करते हुए तिलावे और सिकरहना के रिंग बांध पर भारी दबाव बना बैठी है जिसके वजह से बांध टूट गए हैं और निकट गांवों में पानी घुस गया है।

वहीं, गोपालगंज में रिंग बांध भी दहशत में है। सारण तटबंध सहित तटबंधों पर दबाव लगतार बढ़ रहा है। जिसके वजह से नए इलाकों में पानी आराम से पैर पसारता नज़र आ रहा है। इसी तरह कोसी तटबंध के अंदर बसे गांवों में भी पानी घुस गया है। जिससे कि लोगों की परेशानी में इज़ाफ़ा हो रहा है। जैसे कि कई जिलों के बीच सड़क संपर्क भंग हो चुका है।

इसी के साथ भोजन और पशुचारा का संकट भी आसमान छू रहा है। सैंकड़ों घर टूट फूट चुके हैं। इस दौरान बीते 24 घंटे में दस लोगों की मौत डूबने से हो गई है। मृतकों में सुपौल में एक किसान सहित पश्चिम चंपारण में तीन, शिवहर और सीतामढ़ी में दो -दो और मधुबनी व बेगूसराय के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं।

बाढ़ की हालत गंभीर

पूर्वी चंपारण में सिकरहना और तिलावे नदी के रिंग बांध टूटे

पूर्वी चंपारण में सिकरहना और तिलावे नदी के रिंग बांध के टूटने के वजह से सुगौली और बंजरिया प्रखंडों के गांवों में पानी घुस गया है। रक्सौल के आदपुर प्रखंड के बखरी व कोरैया पंचायतों को जोड़ने वाली पुलिया बाढ़ से नष्ट हो चुकी है। आदपुर प्रखंड के झिटकहिया गांव स्थित विद्यालय, पंचायत भवन व आंगनबाड़ी  केन्द्र में बाढ़ का पानी फैल गया है। जिला के अरेराज के नवादा गांव में बाढ़ के वजह से स्थिति काबू में नहीं है।

बाढ़ पीड़ितों को शरण दिलाने में प्रशासन की कोशिश जारी

पश्चिम चंपारण में वाल्मिकी टाइगर रिजर्व पानी में डूबा हुआ है। इस वजह से नौतन, बैरिया और योगापट्टी दियारे के पांच सौ परिवार पलायन करने पर मजबूर हो चुके हैं। एनडीआरएफ की टीम लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास कर रही है। प्रशासन द्वारा योगापट्टी प्रखंड के मधंतापुर गांव को खाली करवा लिया गया है। पश्चिम चंपारण में चंपारण तटबंध पर नौतन दियारा के बाढ़ पीड़ितों  को शरण मिल गई है। वहीं, गोपालगंज मार्ग में कटाव के वजह से आवागमन पर रोक लगी है। और कटावरोधी कार्य जारी कर दिया गया है।

वहीं, गोपालगंज में गंडक नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। जिस वजह से दियारा के निचले इलाके के 52 गांवों में बाढ़ की हालत गंभीर जताई जा रही है। जलस्तर में वृद्धि के वजह से रिंग बांध तथा सारण तटबंध पर पानी का दबाव ज़ोर पकड़ रहा है। पानी के दबाव से बरौली प्रखंड के देवापुर चौबे टोला के समीप, सिकटिया तथा परसौनी गांव के समीप रिंग बांध से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। परसौनी के समीप रिंग बांध में तेज रिसाव से बांध के ध्वस्त होने की आशंका से गांव वाले पलायन करने लगे है‌। रिंग बांध को बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम रिसाव को बंद करने की कोशिश में लगी है।

अन्य खबरें पढ़ें सिर्फ बिहार एक्सप्रेस पर.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *