Sun. Oct 25th, 2020

कटिहार में खुशी का माहौल , लोग बोले घुसपैठिये और शरणार्थियों में अंतर

कटिहार में खुशी का माहौल , लोग बोले घुसपैठिये और शरणार्थियों में अंतर
शरणार्थियों में अंतर : नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद देश की राजनीतिक हलचल है। ठंड के बढ़ते प्रभाव के बीच सियासत गर्म है और विरोधी और समर्थक आमने सामने हैं। लेकिन, कुछ ऐसे लोग भी हैं जो केंद्र सरकार के इस फैसले से बेहद खुश हैं। बिहार के कटिहार के बर्मा कॉलोनी में रहे लोग इतने खुश हैं कि वे इसकी झलक उनके चेहरों पर साफ दिख जाती है। हालांकि बर्मा कॉलोनी 156 परिवारों को पहले ही भारतीय नागरिकता मिल चुकी है बावजूद इसके गृह मंत्री द्वारा संसद भवन में रखे गए बयान के बाद से ही बेहद संतुष्ट हैं। ये लोग अब अन्य शरणार्थियों के लिए सम्मान के साथ नागरिकता देने और घुसपैठियों के लिए सजा की मांग कर रहे हैं।

खुशी का माहौल :

कटिहार में कभी शरणार्थी के तौर पर बर्मा और पूर्वी पाकिस्तान से आने के बाद सरकार द्वारा इस इलाके में आवास बनाकर बसाया गया था। तभी से इस मोहल्ले का नाम बर्मा कालोनी है। आज भी इस मोहल्ले में कुल 156 शरणार्थियों से भारतीय नागरिक बने लोगों की आवास है जिसमें लगभग 100 परिवार बर्मा (अब म्यांमार) से भारत आए थे। जबकि 56 परिवार 1964 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से भारत आए थे। इस मोहल्ले में रहने वाली महिला गोपा बोस कहती हैं वे लोग अपने पूर्वजों के साथ हुए टॉर्चर की कहानी याद कर आज भी सहम उठती हैं। किस तरह से उन्हें प्रताड़ित होना पड़ा था और किस तरह से वो जान बचाकर यहां तक पहुंचे थे। अलग-अलग केम्पों में रहने के बाद उन्हें 1982 में भारतीय नागरिकता के साथ व्यवसाय और आवास मद में 12 हज़ार रूपये प्रति परिवार देकर कटिहार के इस इलाके  बसाया गया था।

घुसपैठिये और शरणार्थियों में अंतर :

बर्मा से आकर भारतीय नागरिकता ले चुके सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र प्रसाद वर्मा कहते है की उन लोगों को तो किसी तरह नागरकिता मिल गई है पर आज भी बड़ी संख्या में शरणार्थी मज़बूरी की ज़िन्दगी जी रहे हैं। उन लोगों को भी अब भारत में सम्मान के साथ नागरिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये कोई जाति- धर्म का मामला है ही नहीं है। मोहल्ले के लोग ये भी कहते हैं कि आम लोगों को भी घुसपैठिये और शरणार्थियों में अंतर समझना चाहिए।
यह भी पढ़ें-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *