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प्रदूषण पर बिहार सरकार का एक और फैसला, 2021 से डीजल ऑटो का चलना बंद

प्रदूषण पर बिहार सरकार

प्रदूषण पर बिहार सरकार : प्रदूषण को लेकर बिहार सरकार गंभीर एक्शन के मूड में है. आज प्रदूषण की बड़ी समस्या से निपटने के लिए नीतीश सरकार ने अहम फैसला लिया है. अब साल 2021 से पटना में डीजल ऑटो पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लग जायेगा. बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया. इससे पहले 15 साल पुराने व्यवसायिक वहां भी तत्काल प्रभाव से पटना में अब नहीं चल सकेंगे.

राज्य की राजधानी पटना के अलावा गया और मुज्जफरपुर की हवा देश की राजधानी दिल्ली से भी अधिक ज़हरीली है. मंगलवार को पटना देश के सबसे तीसरे प्रदूषित शहर के तौर पर दर्ज़ किया गया. यहाँ की हवा दिल्ली, गुड़गांव और ग्रेटर नोएडा से भी अधिक प्रदूषित हो गई है. शिकागो यूनिवर्सिटी की ताज़ा रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार पटना में औसतन हर नागरिक की जीवन प्रत्याशा 6.9 वर्ष कम हो रही है.

बिहार में प्रदूषित हवा का असर : प्रदेश में जीवन प्रत्याशा 6.9 साल तक घटी !

प्रदूषण पर बिहार सरकार : वायु गुणवत्ता सूचकांक में पटना का बेहद ख़राब स्थान 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ज़ारी ताज़ा वायु गुणवत्ता सूचकांक में पटना का बेहद ख़राब स्थान आया है जो यह इशारा देता है कि यह बिहार का गैस चैम्बर बनता जा रहा है. इस सूचकांक में लखनऊ और कानपूर जैसे एक ज़माने में अधिक प्रदूषित शहरों ने बेहतर स्थान हासिल किया है. इसमें कुल 103 शहरों को शामिल किया गया है. एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक मंगलवार को शाम 4 बजे तक पटना का गुणवत्ता सूचकांक 324 रहा तो वहीँ पटना का गुणवत्ता सूचकांक 414 रहा. इसके इतर मुजफ्फरपुर का गुणवत्ता सूचकांक 385 और गया का 325 दर्ज़ किया गया.

वायु गुणवत्ता सूचकांक के मुताबिक गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव समेत एनसीआर का क्षेत्र पटना से कम प्रदूषित पाया गया. बोर्ड के सूत्रों की माने तो प्रदेश के अन्य ज़िलों में भी वायु प्रदूषित हो चुकी है. प्रदेश के भागलपुर, दरभंगा, नवादा, औरंगाबाद भी 100 के ऊपर का प्रदूषण मानक प्राप्त कर चुके हैं जिससे यहाँ की ज़हरीली हवा का पता चलता है.

पटना में ऊँचे मकान में रहने वाले लोगों को वायु प्रदूषण का शिकार होना पड़ रहा है. ऐसा इसलिए है क्योंकि शहर की वायु में धूलकण की मात्रा साढ़े चार गुणा बढ़ गई है. पटना ज़िले में 30 फिट की ऊंचाई तक वायुमंडल में यह धूलकण तैर रहे हैं.

नीतीश सरकार वायु प्रदूषण की इस गंभीर से परिचित है और आये दिन मीटिंग कर नए फैसले लिए जा रहे हैं जिनसे इस पर लगाम लगाई जा सके. सरकार ने पटना और फिर पूरे प्रदेश में 15 साल पुराने वाहनों पर बैन लगाने का फैसला लिया है और आज एक और अहम फैसला लेते हुए सरकार ने साल 2021 से डीजल ऑटो पर बैन लगा दी है.

इस समय ज़रुरत है कि सरकार के साथ मिलकर समाज वायु प्रदूषण को कम करने का प्रण लें और प्रयास करे ताकि आज और कल की पीढ़ियों को खुली हवा में सांस लेने का मौका मिल सके.

 

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