Wed. Nov 13th, 2019

बिहार की राजधानी में भी दिल्ली जैसा हाल, पटना की हवा में अब सांस लेना मुश्किल

पटना में दिल्ली जैसा हाल

दिल्ली के बाद अब पटना में भी दिल्ली जैसा हाल हो गया है। देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा वाले शीर्ष दस शहरों में पटना का नाम अब शामिल हो गया है। सिर्फ पटना ही नहीं बल्कि राज्य के मुजफ्फरपुर और गया जिले का हाल भी एकदम ऐसा ही है। वहां की हवा का गुणवत्ता स्तर भी बहुत ख़राब हो गया है। बिहार में पटना सबसे ज्यादा प्रदूषित श्रेणी में पहुंच गया है। रविवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार पटना का पीएम2.5 का स्तर 428 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया। पटना की स्थति काफी ख़राब हो गयी है।

पटना में भी दिल्ली जैसा हाल, हालत ख़राब

पटना में यह हाल का कारण है, बाढ़, बख्तियारपुर और दूसरे पास के इलाकों में धान की पराली जलायी जा रही है जिससे बनी धुंध राजधानी पर छायी हुई है। इसके अलावा शहर में बिना ढके हो रहे सरकारी निर्माण काम के चलते भी घातक धूल कणों (पीएम 2.5 ) ने प्रदूषण के स्तर को बढ़ा दिया है। यही वजह है कि जा पटना का नाम शीर्ष दस में शामिल है।

 

 

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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने डीएम से खेतों में कचरा या पराली जलने की शिकायत आधिकारिक पत्र में की है और पूरी परेशानी को विस्तार से बताया है। डीएम को लिखा गया है कि कृषि विभाग के सहयोग से इस प्रवृत्ति पर तत्काल लगाम लगाने की जरूरत है, अन्यथा हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल एक हफ्ते से राजधानी की हवा की गुणवत्ता अप्रत्याशित तौर पर खराब हो गयी है। इन हालातों पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संबंधित विभागों की जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाने जा रहा है। पटना को इस परेशानी से मुक्त करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण अपना काम कर रही है।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण के एक सदस्य सचिव अलोक कुमार ने बताया है कि हमने पराली जलाने की लिखित सूचना पटना डीएम को दी है। उनसे आग्रह किया है कि कृषि विभाग के सहयोग से इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाएं। ताकि पटना प्रदूषण मुक्त हो सके।

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