Sat. Aug 8th, 2020

कोरोना काल में एकसाथ कई मोर्चों पर लड़ रहे हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

नीतीश कुमार(Nitish kumar)

पटना: श्रमिकों के लिहाज से इस कोरोना महामारी के दौर में सबसे ज्यादा किसी राज्य को परेशानी है तो वो राज्य है बिहार। जहां देश के अलग—अलग राज्यों से श्रमिक बस निकल पड़े हैं घर वापसी के लिए। लेकिन इस संकट की घड़ी में भी धैर्य के साथ पूरे प्रशासनिक अमले के साथ जिस तत्परता से प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार कोरोना महामारी से जंग लड़ते प्रदेश को बेहतर भविष्य का भरोसा दिला रहे हैं वह निश्चित रूप से प्रशंसनीय है। परेशानी के बावजूद नीतीश कुमार अपने सहयोगियों के साथ सभी मोर्चों पर लड़ाई लड़ते दिख रहे हैं। एक तरफ अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठक कर प्रदेश में बड़ी संख्या में बाहर से आये लोगों को क्वारंटीन कर राज्य में रह रहे लोगों को कोरोना संक्रमण के फैलाव से बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहीं अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों को सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रयास कर रहे हैं और इस काम में दिल्ली स्थित बिहार सूचना केंद्र के अधिकारी लगातार सक्रिय हैं।

चुनौतियों से जूझने का हो रहा है प्रयास

नीतीश कुमार(Nitish kumar)

बिहार में कोरोना के बढ़ते आंकड़ो के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि काफी समय से लाॅकडाउन चल रहा है इसलिये समाज की अंतिम पंक्ति में रह रहे लोगों पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है। सरकार द्वारा अत्यंत निर्धन एवं गरीब परिवारों को उपलब्ध करायी जा रही सहायता का पूरा लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, यह ​सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस बात का गहराई से जांच करे कि रोजगार सृजन की योजनाओं, जन वितरण प्रणाली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी निर्धन एवं गरीब परिवारों को मिले। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रखण्डों में आधार कार्ड बनाने की स्थायी व्यवस्था शुरू की जाने की बात भी कही। साथ ही सभी जिलों के जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र (डी0आर0सी0सी0) में आॅनलाइन आधार केन्द्र की सुविधा उपलब्ध करायी जाय। जिनका आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनका आधार कार्ड गाइडलाइन के अनुरूप बनवाना सुनिश्चित किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग बाहर से ट्रेन के माध्यम से आ रहे हैं, उन्हें रेलवे स्टेशन पर रिसीव कर प्रखण्ड क्वारंटाइन केन्द्रों पर व्यवस्थित रूप से पहुंचाया जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पूरा कार्य योजनाबद्ध तरीके से हो ताकि प्रवासी मजदूरों को असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि प्रखण्ड क्वारंटाइन केन्द्रों पर प्रवासी मजदूरों की संख्या काफी बढ़ रही है। इसकी व्यवस्था को और सुदृढ़ किये जाने की आवश्यकता है। साथ ही मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के आगमन के कारण टेस्टिंग फैसिलिटी की सुविधा शीघ्र बढ़ानी होगी और टेस्टिंग की संख्या में भी तेजी लानी होगी।

राशनकार्ड बनवाने की प्रक्रिया हो तेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि राशनकार्ड-विहीन परिवारों के लिये राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया और तेज की जाय। चिन्हित पात्र परिवारों के खाते में 1,000 रूपये की राशि शीघ्र भेजी जाये। उन्होंने कहा कि जन वितरण प्रणाली में गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। राशन कार्डधारियों को सड़ा चावल या खाद्यान्न की निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न मिलने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई हो। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का निर्देश देते हुए कहा किरोजगार सृजन के कार्यों में निर्धारित गाइडलाइन्स का पालन करते हुये तेजी लायी जाय। निर्माण सामग्रियों यथा- बालू, गिट्टी, सीमेंट एवं ईंट की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाय। नीतीश कुमार ने बाहर से लौट रहे लोगों को यह भरोसा दिलाया कि बिहार के बाहर फंसे जो भी प्रवासी मजदूर बिहार आने को इच्छुक हैं, उन सभी को बिहार लाया जायेगा। उन्हें छिपकर, पैदल या मालवाहक वाहनों से आने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि लोग सड़क, रेल ट्रैक और ट्रकों के जरिये आवाजाही न करें। उनके लिये परिवहन की उचित व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित लगातार स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं। अतः लोग घबरायें नहीं, धैर्य रखें, सचेत रहें और सतर्क रहें।

लगातार सक्रिय है बिहार भवन

नीतीश कुमार(Nitish kumar)

देश के विभिन्न राज्यों में बिहार के प्रवासी श्रमिकों को सहयोग एवं सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार भवन, नई दिल्ली में स्थापित नियंत्रण कक्ष में काॅल, व्हाट्सएप एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस बाबत आज 964 सूचनाएं प्राप्त हुई तथा प्रवासी श्रमिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाओं के आधार पर 8447 लोगों की समस्याओं पर एक्शन लिया गया। कंट्रोल रूम की स्थापना से लेकर अब तक 1,46,214 सूचनाएं प्राप्त ़?हुई तथा प्रवासी श्रमिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाओं के आधार पर 20,41,629 व्यक्तियों की समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई की गई।

 

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