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इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के लिए तरसते रह गए यात्री, गुस्सा साफ नजर आ रहा है

इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन

यात्रियों को इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन का इंतजार। स्थानीय रेलवे स्टेशन से जुड़े लोगों को रेलवे की विकास नीति तो रास आ रही है लेकिन धरातल पर सरकार के कामकाज की कमजोर डिलीवरी का गुस्सा भी उनमें साफ नजर आ रहा है दिखाई दे रहा है कि उनकी आंखों में कितना गुस्सा है

इस बात को लेकर कि वह इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के लिए तरसते रह गए। चुनावी तपिश के बीच डुमराव स्टेशन के प्रतीक्षालय में बैठे रेल यात्री रेलवे में हुए बदलाव और स्टेशन की बदहाली पर खुलकर चर्चा की।

यात्रियों से हुई बात चीत के दौरान

ब्रिज बिहारी पांडे रेल यात्री का कहना था कि पटना से बनारस के बीच इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही है। उसकी जगह पर रेलवे ने काशी पटना जनशताब्दी ट्रेन को चलाया है जिसका लाभ आम रेल यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है क्योंकि इस ट्रेन का ठहराव बक्सर के बाद सीधे आरा रही है। बीच के यात्री स्क्रीन को देखकर ही संतुष्ट करते हैं। रेलयात्री बच्चा सिंह ने पैसेंजर ट्रेनों में शौचालय की सुविधा नहीं होने पर नाराजगी जताई उनका कहना है कि पैसेंजर ट्रेनों में शौचालय ही नहीं है और साथ ही उनका कहना था कि पटना से बक्सर के बीच 4 घंटे के सफर में यात्रियों को कई बार शौच की जरूरत महसूस होती है।

इस कारण बुजुर्गों और महिलाओं को तो कई बार बीच में अपना सफर छोड़ना पड़ता है यह बहुत बड़ी दिक्कत है लोगों के लिए। सरकार ने बजट भाषण में कहा था कि पैसेंजर ट्रेन में टॉयलेट की व्यवस्था होगी लेकिन अभी इस रूट के किसी भी सवारी गाड़ी में या नहीं हुआ है। वहीं मिथिलेश राय ने डुमराव स्टेशन पर शौचालय, यूरिनल और पेयजल की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि रेल यात्रियों के साथ ही सबसे अधिक परेशानी महिलाओं यात्रियों को होती है।

पूरा प्लेटफार्म शौचालय में तब्दील रहता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई दफे सांसद तथा डीआरएम को ज्ञापन भी दिया गया है। ज्ञापन देने के बावजूद भी रेलवे ने कुछ नहीं किया। जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि डुमराव रेलवे स्टेशन रेलवे को प्रतिवर्ष एक राजस्व के रूप में ₹100000000 दे रहा है फिर भी डुमराव स्टेशन के यात्रियों के लिए कुछ नहीं किया गया। वहीं छोटे सिंह ने फुट ओवर ब्रिज पर सेट नहीं होने तथा वहां की स्थिति को कुदरत करते हुए कहा कि जब अप और डाउन प्लेटफार्म पर एक साथ ट्रेन आती है तो रेल यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है।

यात्रि कल्याण समिति के राजीव रंजन सिंह ने कहा कि स्टेशन पर शौचालय पेयजल की सुविधा बिल्कुल भी नहीं है जिससे काफी दिक्कत होती है यहां तक कि वेटिंग हॉल भी बदहाल है उन्होंने कहा कि पटना मथुरा कोटा एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव तथा आरक्षण काउंटर को दो शिफ्ट में करने के अलावा डुमराव स्टेशन के लिए रेलवे के पास सुविधा कोई उपलब्ध नहीं है।

प्रकाश ओझा ने स्टेशन पर कोच इंडिकेटर नहीं होने से बुजुर्ग तथा महिला यात्रियों को होने वाली परेशानी पर चर्चा की वहीं बक्सर आरा स्टेशनओं की हालत सुधरी है लेकिन डुमराव की रेलवे उपेक्षा कर रहा है ऐसा सुमित्रा ने कहा। बाबूलाल राम ने कहा कि स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को बहाल करने के लिए कई दफे रेल मंत्रालय और डीआरएम को ज्ञापन दिया गया।

लक्ष्मण कुमार ने बलिया डिग्री रेल पथ निर्माण के वर्षों पुराने प्रस्ताव की चर्चा की। रामाधार राय ने स्टेशन के उत्तरी क्षेत्र में तेजी से बड़ी आबादी को ट्रक पार कर प्लेटफार्म पर आने की व्यवस्था को चर्चा में शामिल किया कोविंद ने स्टेशन पर शौचालय पेयजल महिलाओं के लिए यूरिनल के साथ ही सफाई व्यवस्था पर जोरदार आवाज उठाई।

इस बातचीत के बाद रेल यात्रियों की इस चर्चा ने साफ कर दिया कि रेलवे डुमराव स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान नहीं हुई है वह इस सुविधा से बिल्कुल भी खुश नहीं है।

 

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