Sun. Jun 7th, 2020

कोटा में बिहार के छात्रों को सरकार से मिली परमिट, फिर भी कम नहीं हो रही मुश्किलें

छात्रों

कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से देशभर में लॉकडाउन हुआ है जिसकी वजह से राज्यों के छात्र राजस्थान के कोटा में फंस गए। जिसकी वजह से सभी राज्य के सरकारों ने भी यूपी सरकार ने बसें भेजकर अपने छात्रों को वापस बुला लिया, जिसके बाद कई राज्यों में इस मुद्दे ने सियासी रंग ले लिया। जिसके बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम की सरकार अपने छात्रों को वापस लाने के लिए तैयार हैं। लेकिन समस्या तो तब हो गई जब बिहार की नीतीश सरकार ने अपने छात्रों को वापस ले जाने से इनकार कर दिया था।

जी हां इस खबर के बाद हर कोई दंग रह गया राजस्थान सरकार बिहार के छात्रों को घर जाने के लिए परमिट जारी कर रही है, लेकिन छात्रों को कोटा से वाहन नहीं मिल रहे। वाहनों के लिए छात्र परेशान हैं। वैसे ये भी बता दें कि कोटा में वाहन उपलब्ध नहीं हैं, जिसकी वजह से जो उपलब्ध हैं, वे काफी अधिक रकम की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब राजस्थान सरकार ने फैसला किया है कि बिहार के छात्रों को उनके राज्य पहुंचाने के लिए बसें लगाई जाएंगी, मगर वह ऑन पेमेंट होगा।

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बिहार के छात्रों की बढ़ी मुश्किलें

आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दें कि कोटा के प्रभारी मंत्री और राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि बिहार के छात्र बड़ी संख्या में हैं, जिनके लिए निजी वाहन बड़ी संख्या में उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसकी वजह से उन्होने ये भी कहा कि इसलिए हम निजी बस ऑपरेटरों से बात कर रहे हैं और कोशिश करेंगे कि कम से कम खर्च में बिहार के छात्रों को उनके गांव पहुंचाया जाए।

इस बारे में बिहार के छात्रों का कहना है कि कोटा में गाड़ियां नहीं मिल रही हैं और जो मिल भी रही हैं, वे जाने के लिए 35000 से 40000 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। जिसकी वजह से छात्रों ने कहा कि बिहार सरकार से पहल की अपील की है। कोटा के प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां की सरकार ने अब तक अपने किसी अधिकारी को कोटा नहीं भेजा।

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