Sat. Oct 31st, 2020

गांव वालों पे एफआईआर:चमकी बुखार को लेकर किया था विरोध,अब हुवा ये

गांव वालों पे एफआईआर: चमकी बुखार को लेकर किया था विरोध,अब हुवा ये
गांव वालों पे एफआईआर:बिहार में अक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम यानी चमकी बुखार से अबतक 149 बच्चों की मौत हो चुकी है। इलाज की सुविधाएं न मिलने पर जनता के बीच आक्रोश है।वही नेताओं से भी लोग नाराज है,पोस्टर लगा लगा के अपना गुस्सा जाहिर भी कर रहे है।खास कर तेजस्वी यादव जो अभी तक दिखे ही नही। इसी का विरोध करने के लिए लोग सड़कों पर उतरे तो प्रशासन ने उल्टा उनपर ही एफआईआर दर्ज करवा दी। मामला वैशाली जिले के हरिवंशपुर गांव का है। यहां चमकी बुखार का विरोध करने पर 39 गांव वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ग्रामीणों ने इलाके में 11 बच्चों की मौत और जल आपूर्ति पर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।

क्या बोले परिजन:-

एफआईआर दर्ज होने के बाद मृत बच्चों के रिश्तेदारों ने कहा ‘हमारे बच्चे मर रहे हैं हमने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया तो प्रशासन ने हमारे खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी। जिन पुरुषों के खिलाफ एफआई दर्ज की गई है वह गांव छोड़कर चले गए हैं। परिवार का भरण-पोषण करने वाले वही थे।

गांव वालों पे एफआईआर:मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही:-

बता दें कि बिहार में चमकी बुखार से अबतक 149 बच्चों की मौत हो चुकी है। अकेले 131 बच्चों की मौत मुजफ्फरपुर जिले में दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते जा रहे मौत के आंकड़ों ने सरकार की स्वस्थ्य व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा और अस्पताल की हालत बेहद खराब है। वहीं इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत पर राज्य सामाजिक कल्याण विभाग ने एकीकृत बाल विकास योजना स्कीम पर अधिक बल देने का फैसला किया है। इस स्कीम के तहत कुपोषण की समस्या को दूर किया जाएगा।

विधयाक को ही बनाया था बंदी:-

लोक जनशक्ति पार्टी यानी लोजपा के विधायक राजकुमार शाह रविवार 23 जून 2019 को वैशाली के हरिवंशपुर गांव पहुंचे थे तो नाराज ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बना लिया। विधायक हरिवंशपुर गांव में चमकी बुखार से मरने वालों बच्चों की सुध लेने पहुंचे थे। वहीं पिछले हफ्ते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी जमकर विरोध हुआ था। वह मुजफ्फरपुर स्थित श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हालातों को जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की।आप खुद अंदाजा लगा सकते है की जिसके घर ऐसी घटना घटती है वो कितना परेशान रहता है और लोग कितने परेशान है।

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