Sun. Jun 7th, 2020

सुशील मोदी ने केंद्र सरकार से की मांग, बिहार के मजदूरों व छात्रों की वापसी के लिए चलाए स्पेशल ट्रेन

स्पेशल ट्रेन

ये तो हम सभी जानते हैं कि देश के कई राज्यों में अभी भी बिहार के करीब 25 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों और छात्रों को वापस बुलाने को लेकर बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की है। जी हां हाल ही में कुछ समय पहले उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे बिहारी मजदूरों और छात्रों को बस से लाना संभव नहीं है। लिहाजा इनको बिहार पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू की जाए।

सुशील मोदी ने इसे लेकर ये भी कहा कि ‘मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि विशेष ट्रेन सेवा शुरू की जाए, जो नॉनस्टॉप हो। इतनी ज्यादा संख्या में लोगों को बसों से बिहार लाना संभव नहीं है। अगर बसों से इन लोगों को वापस बुलाना शुरू किया गया, तो कई महीने लग जाएंगे।’

छात्रों व मजदूरों की वापसी के लिए चले स्पेशल ट्रेन

इतना ही नहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बिहार वापस आने के लिए सिर्फ दिल्ली से ही 5 लाख प्रवासी मजदूरों और छात्रों ने आवेदन किया है। वहीं, मुंबई से 2 लाख 68 हजार, गुजरात से तकरीबन 2 लाख और कर्नाटक से एक लाख प्रवासी मजदूरों और छात्रों ने वापस बिहार आने के लिए आवेदन दिया है।

हालांकि आपको ये भी बता दें कि सुशील मोदी ने इस बारे में बात करते हुए बताया कि 25 लाख से भी ज्यादा की संख्या में वापसी करने वाले इन प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लेकर बिहार सरकार ने ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा कि इनको वापस लाने के बाद क्वारनटीन में रखने की भी व्यवस्था की गई है।

उपमुख्यमंत्री मोदी ने बताया कि सबसे पहले बिहार के बॉर्डर पर पहुंचते ही इन सभी प्रवासी मजदूरों और छात्रों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। सुशील मोदी ने कहा, बिहार सरकार वापस आने वाले सभी प्रवासी मजदूरों और छात्रों का स्वागत करेगी। इसके बाद उनको होम क्वारनटीन या फिर अन्य क्वारनटीन सेंटर में रहना होगा।

यही नहीं ये भी बताया कि प्रवासी मजदूरों और छात्रों को बिहार वापस लाने की व्यवस्था के लिए सीनियर आईएएस अधिकारी प्रत्यय अमृत को नोडल ऑफिसर बनाया है। प्रत्यय अमृत आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव भी हैं।

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