Fri. Aug 14th, 2020

बिहार विधानमंडल के इतिहास में कोरोना की वजह से जुड़ सकता है नया अध्याय

देश के अलग-अलग राज्यों में कोरोना वायरस की रफ्तार बहुत ही तेजी से बढ़ते जा रही है और बीते कुछ दिनों से बिहार में तो इसी रफ्तार मानो थम ही नहीं रही। ऐसा बताया जा रहा है कि यदि कोरोना संक्रमण इसी रफ्तार के साथ आगे बढ़ता रहा तो बिहार विधानमंडल के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। असल में हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अगस्त के पहले सप्ताह में प्रस्तावित विधानमंडल में पूरे सत्र की बैठक अब नए स्थान पर होगी जिसकी तैयारी भी तेजी से चल रही है।

नए स्थान पर हो सकती है बैठक

विधान परिषद की बैठक तो सदन में होगी मगर विधानसभा के सदस्य नवनिर्मित सेंट्रल हॉल में बैठकर सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे। सत्र की बैठक 3 से 6 अगस्त प्रस्तावित है, फिलहाल विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने बताया कि स्थान परिवर्तन कर बैठक करने पर विचार किया जा रहा है और ऐसा जरूरी भी है क्योंकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए एक दूसरे के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखना आवश्यक हो गया है। यह दूरी सिर्फ सड़कों और दुकान तथा मॉल में ही नहीं बल्कि सदन का परिषद में भी बनाये रखना बेहद आवश्यक है।

स्थान परिवर्तन के बाद यह सुनिश्चित हो जाएगा कि वहां पर सभी सदस्यों के बीच कम से कम 2 गज की दूरी हो सकती है। यहां पर भी कोरोना वायरस प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया जाना आवश्यक है। चूँकि संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार हर 6 महीने में सदन की बैठक बुलाना अनिवार्य होता है मगर कोरोना संकट की वजह से परिस्थितियां बदल गई हैं। हालांकि बावजूद इसके स्थान और व्यवस्था में बदलाव करके बैठक को संपन्न किया जाएगा।

कोरोना प्रोटोकॉल का पालन बेहद आवश्यक

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सेंट्रल हॉल में कुल 375 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था बनाई गई है। सीटों के बीच की दूरी भी विधानसभा की अपेक्षा काफी ज्यादा है। इसके अलावा कक्ष में अतिरिक्त कुर्सियां भी लगाई जा सकती हैं। जबकि यहां पर विधायकों की कुल संख्या 245 से जो आपस में उचित दूरी बना कर बैठ सकते हैं।

वहीं दूसरी तरफ विधान परिषद के सदस्यों की कुल संख्या 75 है जिसमें शिक्षक स्नातक क्षेत्र के 8 और राज्यपाल के मनोनयन कोटे की 12 सीटें खाली हैं। फिलहाल परिषद के सदस्यों की संख्या कुल 55 ही है और परिषद के सभी 75 सदस्य विधानसभा की सदन बैठक में अगर आते हैं तो उनके बीच की दूरी काफी ज्यादा बनी रहेगी क्योंकि विधानसभा में कुल 325 सदस्यों के बैठने की जगह बना कर रखी गई है, इससे यहां पर कोरोना वायरस के प्रोटोकॉल का बेहतर तरीके से पालन हो सकता है।

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