Thu. Apr 2nd, 2020

वार्ड सदस्य ने खोली करोड़ों के करप्शन की पोल तो कर दिया गया तड़ीपार

वार्ड सदस्य ने खोली करोड़ों के करप्शन की पोल तो कर दिया गया तड़ीपार
करप्शन की पोल : पिरौटा पंचायत में मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना नल-जल योजना में करोड़ों का घोटाला सामने आया है।आरोप है कि पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव और पदाधिकारियों की मिलीभगत से इस योजना के लिए करोड़ों रुपये निकाल लिए गए,  लेकिन धरातल पर काम नहीं के बराबर हुआ। वहीं जब इस योजना में हुए पैसों के बंदरबांट का खुलासा पंचायत के एक वार्ड सदस्य ने किया तो उसे दबंग मुखिया ने गांव से बाहर रहने को मजबूर कर दिया। पीड़ित वार्ड सदस्य रिक्शा चलाकर अपना और अपने परिवार का पेट भर रहा है।

कागजो पे काम,धरातल पे कुछ नही :

आरोप है कि आरा सदर प्रखंड का पिरौटा पंचायत में मुख्यमंत्री नल-जल योजना सहित कई योजनाएं कार्यान्वित हुईं, लेकिन सिर्फ कागजों पर, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। लाभ से वंचित पंचायत के ग्रामीणों ने आवाज उठाई और इस फेहरिस्त में सबसे आगे उस पंचायत का एक दलित वार्ड सदस्य विनोद राम आया जिसने पंचायत में मुखिया, पंचायत सचिव और आरा प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों और पदाधिकारियों की मिलीभगत से दो करोड़ से ज्यादा रुपयों की बंदरबाट की जानकारी सीनियर पदाधिकारियों को दे दी। पीड़ित वार्ड सदस्य के मुताबिक वर्तमान मुखिया के पति को ये बात नागवार गुजरी जिसके बाद उसने वार्ड सदस्य को अलग-अलग तरीकों से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। हालात ऐसे बन गए कि उसको गांव छोड़ना पड़ा। जिसके बाद से ही वो आरा में रिक्शा चलाकर अपने और अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा है।गांव से तडीपार वार्ड सदस्य ने आरोप लगाया है कि उसे पिरौटा पंचायत के मुखिया के पति विजय यादव ने अक्सर अपने लोगों के साथ योजनाओं के पैसों की हेराफेरी के लिए बैंक में अकाउंट खोलने के लिए मजबूर किया,  लेकिन जब उसने मुखिया पति की बात नहीं मानी तो दबंग मुखिया पति ने उसे गांव छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

करप्शन की पोल : न कारवाई और नाही घर पहुचा जल

मुखिया पति की दबंगियत से परेशान वार्ड सदस्य ने पंचायत में हो रही गड़बड़ी की शिकायत पटना प्रमंडल के आयुक्त से लेकर विभाग के प्रधान सचिव तक को दी लेकिन पटना से निर्देश मिलने के बाद भोजपुर जिला प्रशासन ने जांच के नाम पर खानापूर्ति कर अपनी इतिश्री कर ली करोड़ों की सरकारी राशि की गबन की जांच प्राधिकार तक गई जिसके बाद जांच टीम का गठन भी किया गया। पंचायती राज पदाधिकारी के नेतृत्व में एक जांच टीम पिरौटा पंचायत के पिरौटा गांव के वार्ड संख्या 7 भी पहुंची और नल-जल योजना में भारी गड़बड़ियां भी पाई, लेकिन जांच टीम की रिपोर्ट हवा में गुम हो गई। हालात ये हैं कि जांच होने के एक महीने से ज्यादा बीत जाने के बावजूद भी न तो दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई न ही पंचायत के किसी भी घर मे नल का जल पहुंचा।

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