Wed. Nov 13th, 2019

बिहार में पुरानी गाड़ियों पर रोक, दिल्ली सरकार को लेनी चाहिए सीख

बिहार में पुरानी गाड़ियों पर रोक

बिहार में पुरानी गाड़ियों पर रोक : नई दिल्ली में प्रदूषण का मुद्दा बेहद ज़ोर पकड़ चूका है. इसको लेकर राजनीति भी तेज़ हो चुकी है तो आने वाले समय के साथ इसमें प्रयास भी तेज़ हो रहा है. अब बिहार में भी प्रदूषण को लेकर पहल की गई है. राज्य सरकार में प्रदेश में प्रदूषण के खतरे को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के मुताबिक अब राज्य में 15 साल पुरानी गाड़ियां सड़को पर नहीं दिखेंगी. सरकार ने इन पुरानी गाड़ियों पर बैन लगाने का फैसला किया है. इसके पीछे कारण इनसे होने वाला वायु प्रदूषण.

यह फैसला 7 नवंबर 2019 से लागू हो जायेगा. यदि इसे दिल्ली सरकार के ओड-इवन फॉर्मूले से कम्पेयर कर के समझा जाए तो आने वाले समय में एक प्रकार की गाड़ियों के एक दिन चलने और अगले दिन दूसरे प्रकार की गाड़ियों के इस कठिन उपाए से बेहतर एक बार में पुरानी गाड़ियों से निजात पाना ताकि न ही सड़को पर पुरानी गाड़ियाँ चल सकेंगी और न ही प्रदूषण और बढ़ेगा.

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बिहार में पुरानी गाड़ियों पर रोक : सीएम केजरीवाल को सीखना चाहिए सीएम नीतीश से

बिहार में पुरानी गाड़ियों पर रोक

सरकार ने राज्य भर में 15 साल से अधिक पुरानी सभी सरकारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का भी फैसला किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को प्रदूषण संकट पर एक आपात बैठक बुलाई जिसमें उपमुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष अशोक घोष, पटना के पुलिस आयुक्त संजय कुमार और पटना के डीएम कुमार रवि अग्रवाल शामिल थे.

पर्यावरण विभाग ने राज्य भर में व्याप्त प्रदूषण की स्थिति पर एक प्रस्तुति दी. बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि पटना में 15 साल से अधिक पुराने किसी भी व्यावसायिक वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार उन सभी सरकारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाएगी जो राज्य भर में 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं.

जब प्रदूषण और नहीं बढ़ेगा तभी उसके मौजूदा स्तर को काबू में किया जा सकता है. बिहार प्रदेश में हाल ही में नीतीश सरकार द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान का शानदार आगाज़ हुआ है जिसमें प्रदेश में वृक्षारोपण के माध्यम से प्रदूषण को कम करने की मुहीम चलायी जाएगी.

अब आने वाले समय में दिल्ली सरकार को भी ऐसा ही करना होगा इसलिए बेहतर है कि सीएम केजरीवाल बिहार वासियों के प्रति नफरत को छोड़कर कुछ विवेक से काम करें और बिहार की नीतीश कुमार सरकार से सीख ले और गैस चैम्बर बन चुके राजधानी दिल्ली में जनता को खुले चैन वाली साँस लेने की हवा दिलवाने की कोशिश करें ना कि राजनीति.

 

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