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अशरफ फातमी का यू-टर्न : नामांकन लिया वापस लेकिन पार्टी में भी वापसी नहीं करेंगे

अशरफ फातमी का यू-टर्न

अशरफ फातमी का यू-टर्न : बिहार में मधुबनी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने अपना फैसला वापस ले लिया है। मिथिलांचल के दिग्गज मुस्लिम नेता कहे जाने वाले फातमी ने आज शाम इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की। राष्ट्रीय जनता दल के बागी नेता ने कहा कि राजद में वापस जाने का सवाल ही नहीं उठता।

राजद से टिकट के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री फातमी ने मधुबनी लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर नामांकन दाखिल किया था। विद्रोह के बाद, पार्टी ने न केवल उन पर कार्रवाई की, बल्कि फातमी को पार्टी से निकाल दिया। फातमी ने तब कहा कि अगर कांग्रेस शकील अहमद को टिकट देती है, तो वह नामांकन नहीं करेंगे, लेकिन अगर शकील निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं, तो वे मैदान में होंगे।

अशरफ फातमी का यू-टर्न : फातमी ने तेजस्वी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह अपनी उम्र से ज्यादा राजनीति कर रहे है। फातमी ने कहा था कि राजद में उनके जैसे राजनेताओं का कोई सवाल नहीं है। फातमी दरभंगा से कई बार सांसद रहे हैं लेकिन इस बार उनका पत्ता कट गया जिसके बाद उन्हें मधुबनी सीट से दावेदारी मिली लेकिन यह सीट वीआईपी के खाते में चली गई।

अशरफ फातमी का यू-टर्न : फातमी ने अपने बयान में कहा था

पर्व केंद्रीय मंत्री और राजद नेता अली अशरफ फातमी ने अपने बयान में कहा था कि वह मुकेश साहनी के विकासशील इंसान पार्टी के टिकट पर मधुबनी से चुनाव लड़ेंगे। फातमी ने दावा किया कि उन्होंने आरजेडी प्रमुख लालू यादव और तेजस्वी यादव के सामने अपनी बात रखी है और यह तथ्य की बात हो सकती है।

बता दें कि अशरफ फातमी लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे थे और पार्टी से लगभग बगावत कर चुके नाराज फातमी ने तब अपने समर्थकों की दरभंगा में एक बैठक भी बुलाई थी और राजद को अल्टीमेटम देते हुए शक्ति प्रदर्शन भी किया था

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