Sat. Jul 4th, 2020

बिहार के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज, इन क्षेत्रों में आएगी नयी जान

जैसा कि हम सभी जानते हैं पिछले दिनों देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी जिसके जरिये कोना संकट से जूझ रहे देशवासियों को काफी मदद मिलेगी। हालाँकि अगर आपने ध्यान दिया होगा तो यह भी सुना होगा की पीएम ने इसके साथ ही उन्होंने एक नारा भी दिया- ‘लोकल के लिए वोकल’ बनिए। ऐसे में बिहार के संदर्भ में देखा जाए तो ये राज्य के लिए बड़ा बूस्टअप साबित हो सकता है। दरअसल राज्य में कार्यरत दो लाख से अधिक एमएसएमई संस्थाओं एवं कर्मियों को आसानी से लोन मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

20 लाख करोड़ से कईयों के सपने हो सकते हैं साकार

इसके साथ ही नए एमएसएमई खोलने के सपने भी साकार होने के रास्ते खुलेंगे। हालांकि आज भी वित्त मंत्री की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है कि गरीबों, मजदूरों और किसानों के साथ ही असंगठित क्षेत्र के लिए क्या घोषणाएं हो सकती हैं। वहीं स्ट्रीट वेंडरों के लिए भी आर्थिक राहत का पिटारा खुलने की उम्मीद लगाई जा रही है। इससे पहले बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की एमएसएमई के लिए घोषित पैकेज का अर्थ यही निकाला जा रहा है कि अब राज्य में नए उद्योग लगेंगे एवं पुराने उद्योगों को आसानी से ऋण मिलेगा और मशीनरी को अपडेट कर सकेंगे।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि एमएसएमई अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. कृषि क्षेत्र के बाद इसमें सबसे अधिक रोजगार के अवसर हैं इसमें और संभावनाएं खुलेंगे। हालांकि गरीबों, मजदूरों और किसानों के साथ ही असंगठित क्षेत्र के लिए भी घोषणाओं का इंतजार किया जा रहा है। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि पीएम ने लोकल के लिए वह कल बनने की बात कहकर दूरदर्शिता का परिचय दिया है। इससे देश के साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

पीके अग्रवाल ने कहा कि राज्य में मानव संसाधन की सहज उपलब्धता और है कृषि उत्पादन की चीजों की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता है। मक्का के उत्पादन में बिहार देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। मक्के को प्रोसेस करके आरारोट, कॉर्न फ्लेक्स, पॉपकॉर्न, मुट्ठी, कुरकुरे, पापड़ी, नमकीन, दलिया जैसी चीजें लोकल स्तर पर बनाए जा सकते हैं।

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