Fri. Aug 14th, 2020

दस जिलों की दस लाख आबादी बाढ़ की गिरफ्त में, मदद के लिए हेलिकॉप्टर ने भरी उड़ान

दस जिलों की दास लाख

बिहार में बाढ़ की स्तिथि काफी ज़्यादा ख़राब हो गई है। हालात यह हो गए हैं कि राज्य के दस जिलों की दस लाख आबादी बुरी तरह प्रभावित है। इस गंभीर हालत को मद्दे नज़र रखते हुए शनिवार से राहत व बचाव कार्य में वायु सेना के हेलिकॉप्टर ने उड़ना शुरू कर दिया है।

नेपाल में लगातार हो रही बारिश बन रही बिहार के लिए मुसीबत

बिहार में बाढ़ की ऐसी गंभीर हालत के पीछे नेपाल में हो रही लगातार बारिश का हाथ है। राज्य के दस जिलों की तकरीबन दस लाख आबादी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुई है। लगातार नए इलाकों में बाढ़ एंट्री मार रही है। बीते 24 घंटो में गोपालगंज, पूर्वी चंपारण व दरभंगा में छह जगह बांध टूट चुके हैं। समस्तीपुर-दरभंगा व मुजफ्फरपुर-सुगौली रेलखंड पर रेल की आवाजाही बंद कर दी गई है। सैंकड़ों सड़क संपर्क को भी भंग कर दिया गया है।

ऐरियल सर्वे करते दौरान जल संसाधन मंत्री ने कही ये बातें

शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति का जायजा करने के लिए जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने विभागीय सचिव संजीव हंस और आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के साथ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे किया। उनके सर्वेक्षण अनुसार गंडक नदी का पानी 2017 के स्तर से 26 इंच ऊपर अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। वहीं बगहा, माेतिहारी और गाेपालगंज में तटबंध पर कटाव की बात पर उन्होंने कहा कि दो दिनों में जल-स्तर घटते ही इनकी मरम्‍मत कर ली जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि पहले से सतर्कता बरतने के कारण कई जगह बांध को बचा भी लिया गया है।

स्तिथि को नियंत्रण बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित लोगाें की सहयाता के लिए राहत व बचाव कार्य में गंभीरता से लगी है। इसमें लापरवाही करने वालों को बख्‍शा नहीं जाएगा। मंत्री का यह भी कहना है कि मोबाइल बंद रहने की शिकायत मिलने पर मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है।

राहत प्रदान करने के लिए हेलीकॉप्टर ने भरी उड़ान

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव के लिए वायु सेना की मदद जारी है। शनिवार व रविवार को वायु सेना के तीन हेलीकाॅप्टर खाद्य सामग्री की एयर ड्राॅपिंग करेंगे। उनमें एक पटना से गोपालगंज में तो दो दरभंगा से दरभंगा व मोतिहारी में राहत सामग्री ले जाएंगे।

यहां तक कि गोपालगंज में नौ, पूर्वी चम्पारण में आठ, सुपौल में तीन तथा खगड़िया में एक राहत शिविर चल रहे हैं। प्रभावित इलाकों में संचालित 271 कम्युनिटी किचेन में हर दिन 1,15,325 लोगों को भोजन दिया जा रहा है।

 

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