Mon. Dec 9th, 2019

सुलझी हत्याकांड गुत्थी:छपरा पुलिस ने सुलझाई दरोगा मिथिलेश की हत्या की गुत्थी

सुलझी हत्याकांड गुत्थी:छपरा पुलिस ने सुलझाई दरोगा मिथिलेश की हत्या की गुत्थी
सुलझी हत्याकांड गुत्थी:बिहार के छपरा में हुए दारोगा और कांस्टेबल हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। सोमवार की दोपहर इस हत्याकांड में शामिल मुख्य अभियुक्त और जिला परिषद की अध्यक्ष मीना अरुण को गिरफ्तार करने के बाद एसपी हरकिशोर राय ने उनसे लगभग 3 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद एसपी मीडिया से भी मुखातिब हुए और उन्होंने इस केस को सुलझा लेने का दावा किया।एसपी ने बताया अपराध से जुड़े कई मामलों के आरोपी सुबोध सिंह के खिलाफ छपरा पुलिस की एसआईटी लगातार कार्रवाई कर रही थी। पुलिस की इसी कार्रवाई के गुस्से में आकर इस हत्याकांड को अपराधियों द्वारा अंजाम दिया गया।

सरेंडर कर रहे थे आरोपी:-

सारण के एसपी हरकिशोर राय ने बताया कि जिला परिषद की अध्यक्ष मीना अरुण जिनको सोमवार को गिरफ्तार किया गया है उनका पति अरुण सिंह फिलहाल जेल में बंद है। उनको इस केस में साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित किया गया है।सारण में दो परिवारों के बीच पिछले कई दिनों से गैंगवार की घटना हो रही है।एसपी ने बताया कि घटनास्थल से मीना की लाइसेंसी पिस्तौल मिलने के बाद ही उनका नाम इस केस में सामने आया है। वो इस हत्याकांड के बाद से लगातार फरार चल रही थीं।एसपी के मुताबिक पुलिस ने कोर्ट में सभी आरोपियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती वारंट के लिए प्रे किया था लेकिन तभी मीना अरुण नाटकीय ढंग से जिला परिषद कार्यालय पहुंची जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस केस में एक अन्य अभियुक्त अभिषेक सिंह ने ने पुलिस को चकमा देकर एक अन्य आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर दिया।मतलब पुलिस के कारवाई से ये भी डरे हुवे है।

सुलझी हत्याकांड गुत्थी:मारी गई थी गोली:-

एसपी हर किशोर राय ने दावा किया कि पुलिस जल्द ही जिला परिषद अध्यक्ष मीना अरुण के पति अरुण सिंह को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी जिससे कुछ अहम खुलासे हो सकते हैं। इसके साथ ही इस केस के मुख्य आरोपी सुबोध सिंह की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस लगातार रेड कर रही है।हत्या के बाद लूटे गए पुलिस के एके-47 और पिस्टल के बारे में पूछे जाने पर एसपी ने कहा कि लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।सारण के मढ़ौरा में 20 अगस्त की रात एनकाउंटर के दौरान छपरा पुलिस की एसआईटी टीम के दारोगा मिथिलेश कुमार और कांस्टेबल फारूक आलम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जबकि एक पुलिसकर्मी गोली लगने से बुरी तरह जख्मी हो गया था। मृतक के परिजनों ने इस केस में सीबीआई जांच की मांग की थी।लेकिन अब पुलिस बता रही की उसने अपना काम कर दिया है।

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